होली 2026: भगवान को पहले लगाएं गुलाल, जानें किस देवता को कौन-सा रंग चढ़ाना है शुभ
होली के रंगों का उत्सव शुरू करने से पहले भगवान को गुलाल अर्पित करना सबसे महत्वपूर्ण है. परंपरा के अनुसार राधा कृष्ण को सबसे पहले रंग लगाया जाता है.
नई दिल्ली: होली सिर्फ रंगों और मस्ती का त्योहार नहीं, बल्कि भक्ति और परंपरा का भी पर्व है. होलिका दहन के बाद जब घर घर में रंगों की बहार छा जाती है, तो सबसे पहले मंदिर या पूजा स्थल पर देवताओं को गुलाल लगाना शास्त्रों में बताया गया है. ऐसा करने से त्योहार और भी मंगलमय हो जाता है. राधा कृष्ण की होली की याद में शुरू होती यह रस्म प्रेम, सौंदर्य और आशीर्वाद का प्रतीक है. विभिन्न देवताओं को अलग अलग रंग चढ़ाने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है और बुराई दूर होती है. इस बार 2026 में होली 4 मार्च को मनाई जाएगी, तो पूजा की तैयारी पहले से कर लीजिए.
राधा कृष्ण को पहले अर्पित करें रंग
होली की शुरुआत राधा कृष्ण से होती है. भगवान कृष्ण को मटमैला गुलाल लगाना शुभ है, जो उनकी सादगी और प्रेम का प्रतीक है. राधा रानी को गुलाबी या लाल गुलाल चढ़ाएं, जो प्रेम और समर्पण दर्शाता है. उनके सामने माखन मिश्री और मोहन थाल का भोग लगाकर पूजा करें. ऐसा करने से रिश्तों में मिठास आती है.
भगवान राम और विष्णु के लिए पीला गुलाल
भगवान राम और विष्णु के भक्तों के लिए पीला या लाल गुलाल सबसे अच्छा माना जाता है. पीला रंग ज्ञान और पवित्रता का प्रतीक है, जो बृहस्पति से जुड़ा है. होली पर इन्हें पीला गुलाल अर्पित करने से सुख समृद्धि और आर्थिक स्थिरता बनी रहती है. साथ ही भूनी जौ की बालियां भी चढ़ाएं.
शिव पार्वती और गणेश को विशेष रंग
भगवान शिव को सफेद या नीला गुलाल लगाना प्रिय है, जो उनकी वैराग्य भावना को दर्शाता है. होलिका की राख भी चढ़ाई जाती है. गणेश जी को सबसे पहले लाल या केसरिया गुलाल अर्पित करें, ताकि विघ्न दूर हों. माता पार्वती को लाल या पीला चढ़ाएं. यह क्रम जीवन को शुभ बनाता है.
अन्य देवताओं और पितरों के लिए रंग
लक्ष्मी जी को लाल या पीला गुलाल चढ़ाएं, धन प्राप्ति के लिए. हनुमान जी को लाल, दुर्गा माता को लाल या गुलाबी. पितरों को सफेद गुलाल दक्षिण दिशा में रखें, आशीर्वाद मिलता है. हर रंग का अपना महत्व है—लाल ऊर्जा, पीला ज्ञान, गुलाबी प्रेम देता है.
इस परंपरा से मिलता है खास लाभ
देवताओं को पहले गुलाल लगाने से होली सिर्फ खेल नहीं, आशीर्वाद बन जाती है. यह रस्म बुराई पर अच्छाई की जीत को मजबूत करती है. प्रेम बढ़ता है, विघ्न दूर होते हैं और परिवार में खुशियां छा जाती हैं. इस होली 2026 में इस विधि को अपनाकर त्योहार को और यादगार बनाइए.
Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. theindiadaily.com इन मान्यताओं और जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.