नई दिल्ली: रमजान का पवित्र महीना खत्म होने के साथ ही आज देशभर में ईद-उल-फितर की खुशियां छा गई हैं. सुबह-सुबह मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज के बाद लोग एक-दूसरे से मिलकर 'ईद मुबारक' कह रहे हैं. घरों में मीठी खुशबू फैल रही है, बच्चे ईदी के लिए उत्साहित हैं और बड़े अपनों को गले लगा रहे हैं. यह त्योहार सिर्फ रोजों का अंत नहीं, बल्कि धैर्य, इबादत और आपसी मोहब्बत का जश्न है. ईद का यह दिन हर किसी को खुशी और उम्मीद का संदेश देता है.
इस्लाम में रमजान का महीना इसलिए खास है क्योंकि इसी दौरान कुरान शरीफ नाजिल होना शुरू हुआ था. पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब के मक्का से मदीना हिजरत के बाद इस त्योहार की शुरुआत हुई. रोजे रखकर लोग खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करते हैं. ईद उस मेहनत का इनाम है, जब अल्लाह से दुआ मांगी जाती है कि रोजों की कबूलियत हो. यह दिन शुक्रिया अदा करने और रहमत की उम्मीद का है.
ईद का दिन बहुत सुबह शुरू होता है. लोग गुस्ल करके नए-नवेले कपड़े पहनते हैं, अच्छी खुशबू लगाते हैं और ईदगाह या मस्जिद पहुंचते हैं. खुत्बे के साथ नमाज अदा करने के बाद सब एक साथ 'तकबीर' कहते हैं. नमाज के बाद गले मिलना, मुस्कुराना और एक-दूसरे को बधाई देना आम है. इस नमाज में अमीर-गरीब सब बराबर खड़े होते हैं, जो भाईचारे का खूबसूरत नजारा पेश करता है.
ईद का मतलब है खुशियां बांटना. घरों में सेवइयां, शीरखुरमा, फिरनी और तरह-तरह के हलवे बनते हैं. मिठाई का लुत्फ उठाते हुए मेहमान आते-जाते रहते हैं. बच्चों को ईदी मिलती है, जिससे उनके चेहरे खिल उठते हैं. बड़े-बुजुर्ग अपनों को तोहफे देते हैं. यह सब कुछ त्योहार को और भी यादगार बनाता है और परिवार की मिठास बढ़ाता है.
ईद पर जकात-उल-फित्र देना फर्ज है. लोग गरीबों, अनाथों और मुश्किल में फंसे लोगों की मदद करते हैं. यह काम अल्लाह की रजा के लिए किया जाता है. कई लोग मस्जिदों में दान देते हैं या सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचाते हैं. ईद का यह पहलू बताता है कि खुशी तभी पूरी होती है जब सबके साथ बांटी जाए.
ईद-उल-फितर सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि जीवन का सबक है. यह सिखाता है कि धैर्य रखो, अच्छे काम करो और एक-दूसरे से मोहब्बत बरताओ. आज के इस दिन देशभर में मस्जिदों से निकलती तकबीरें और घरों से उठती हंसी की आवाजें यही संदेश दे रही हैं. ईद मुबारक – सबको खुशियां और अमन मिले.
Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. theindiadaily.com इन मान्यताओं और जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.