पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस का राजनीतिक दांव उसी पर भारी पड़ गया. जादवपुर की 33 वर्षीय टीएमसी सांसद और अभिनेत्री सायोनी घोष ने 'हृदय मा छे काबा, नयने मदीना' गीत गाकर मुस्लिम मतदाताओं को रिझाने की कोशिश की थी. यह सुरीली रणनीति उनकी पार्टी पर ही उलटी पड़ गई. इस गाने के कारण ममता बनर्जी के वफादर हिंदू समर्थकों को भी भाजपा के पाले में धकेल दिया.
सायोनी घोष बांग्ला सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री हैं. चुनाव प्रचार के दौरान उनकी रैलियों में भारी भीड़ जुट रही थी. उसी समय उन्होंने मंच से 'मेरे दिल में काबा है और आंखों में मदीना' के बोल गाए. इसका वीडियो तेजी से वायरल हो गया. इस गाने से तृणमूल का मकसद अल्पसंख्यक वोट बैंक को पक्का करना था, लेकिन हुआ इसका उलटा इस कदम ने धार्मिक ध्रुवीकरण को चरम पर पहुंचा दिया और भाजपा को बड़ा फायदा दिया.
भाजपा ने इस अवसर को खाली नहीं जाने दिया. पार्टी के नेताओं ने बंगाल के हर हिस्से में शोर मचाते हुए कहा कि बंगाल की धरती काबा नहीं है, बल्कि यह मां काली की भूमि है. सायोनी घोष को इस गलती का एहसास हुआ, तो उन्होंने बचाव में हनुमान चालीसा का पाठ करना शुरू कर दिया.
प्रधानमंत्री के बाद भाजपा के लिए सबसे अधिक भीड़ जुटाने वाले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तृणमूल कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी बंगाल की मूल पहचान के साथ खतरनाक खिलवाड़ कर रही है. उन्होंने जनता से कहा कि बंगाल की असली पहचान काबा से नहीं, बल्कि मां कालीबाड़ी से जुड़ी ह योगी ने ममता और अभिषेक बनर्जी पर भी निशाना साधा और 'बुआ-भतीजा' कहकर तंज कसते हुए कहा कि वे राज्य के अस्तित्व को मिटा रहे हैं.
भाजपा की वरिष्ठ नेत्री और मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने भी इसी गाने को टीएमसी की हार का कारण बताया. उन्होंने 'X' पर पोस्ट करते हुए पीएम मोदी, अमित शाह, नितिन नवीन और बंगाल के असंख्य पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई दी. उमा भारती ने लिखा कि इस बार हमारी जीत तो निश्चित ही थी, लेकिन ममता बनर्जी की पार्टी की ही एक सांसद का यह वायरल गाना पूरी टीएमसी को ले डूबा.