US Israel Iran War

Tamil Nadu Assembly Election 2026: बीजेपी की लिस्ट से नाम गायब होने पर के. अन्नामलाई ने तोड़ी चुप्पी; बताई अंदर की बात

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में भाजपा के उम्मीदवारों की लिस्ट से के. अन्नामलाई का नाम नदारद था. उनका नाम सूची से गायब होने पर कई प्रश्न खड़े हो गए थे. अब अन्नामलाई ने खुद आगे आकर सबकुछ साफ कर दिया है...

X
Ashutosh Rai

Tamil Nadu Assembly Election 2026: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 का सियासी पारा गरमाया हुआ है. भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को राज्य के लिए अपने 27 उम्मीदवारों की सूची जारी की, लेकिन इसमें पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और फायरब्रांड नेता के. अन्नामलाई का नाम नदारद था. उनका लिस्ट में नाम ना होना कई लोगों के लिए चौंकाने वाली बात थी. एक समय के. अन्नामलाई भाजपा का सबसे उभरता हुआ चेहरा बनते नजर आ रहे थे. वहीं इस सूची के सामने आते ही सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई कि क्या आलाकमान ने उन्हें किनारे कर दिया है. अब खुद अन्नामलाई ने सामने आकर इन अटकलों पर पूरी तरह से विराम लगा दिया है.

'मेरा नाम तो संभावित लिस्ट में भी नहीं था' :अन्नामलाई

केरल के कन्नूर से चेन्नई एयरपोर्ट पहुंचने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए अन्नामलाई ने स्पष्ट किया कि उन्हें टिकट देने से मना नहीं किया गया है, बल्कि उन्होंने खुद चुनाव न लड़ने का फैसला किया था. 

पूर्व आईपीएस अधिकारी ने कहा, "मैंने पार्टी की कोर कमेटी को पहले ही लिखित में बता दिया था कि मैं किसी भी सीट से चुनाव नहीं लड़ूंगा. यहां तक ​​कि हाईकमान को जो संभावित उम्मीदवारों की सूची भेजी गई थी, उसमें भी मेरा नाम नहीं था. मीडिया में भ्रामक चर्चाएं चल रही थीं, इसलिए मुझे यह सफाई देनी पड़ रही है."उन्होंने बताया कि इस फैसले की जानकारी उन्होंने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव बी.एल. संतोष को पहले ही दे दी थी.

अब क्या होगी अन्नामलाई की भूमिका?

अन्नामलाई ने साफ किया कि इन चुनावों में उनकी मुख्य भूमिका BJP और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवारों के लिए धुआंधार प्रचार करने की होगी. उन्होंने कहा, "पार्टी ने मुझे 7 अप्रैल तक केरल और पुडुचेरी में, और उसके बाद 23 अप्रैल तक तमिलनाडु में प्रचार का जिम्मा सौंपा है. मैं इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाऊंगा."

गठबंधन और नाराजगी की इनसाइड स्टोरी

2024 के लोकसभा चुनावों में तमिलनाडु के अंदर बीजेपी का वोट शेयर दहाई के आंकड़े तक पहुंचाने में अन्नामलाई की सबसे अहम भूमिका मानी जाती है. हालांकि, पिछले साल जब ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम की NDA में वापसी हुई, तो अन्नामलाई को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटा दिया गया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, AIADMK के महासचिव ई. पलानीस्वामी ने गठबंधन के लिए अन्नामलाई को पद से हटाने की शर्त रखी थी.

नाराज थे अन्नामलाई

बताया जा रहा है कि अन्नामलाई इस गठबंधन और 169 (AIADMK) और 27 (BJP) के सीट बंटवारे से खुश नहीं थे. हाल ही में उन्हें 6 सीटों का प्रभारी बनाया गया था, लेकिन पिता की खराब सेहत का हवाला देकर उन्होंने इस्तीफा दे दिया. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वे अपनी भूमिका सीमित किए जाने से नाराज थे. बता दें कि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होना है और 4 मई को चुनावी नतीजे सामने आएंगे.