Puducherry Assembly Election Exit Poll: पुडुचेरी में सत्ता पर घमासान मचा है और एग्जिट पोल ने राजनीतिक धड़कनों को तेज कर दिया है, जहां सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या रंगासामी अपनी कुर्सी बचा पाएंगे या इस बार बड़ा उलटफेर देखने को मिलेगा. छोटा राज्य होने के बावजूद यहां सियासी दांव बेहद बड़ा है, एग्जिट पोल के आंकड़ों ने पूरे खेल को नया मोड़ दे दिया है.
अब निगाहें इस पर हैं कि क्या BJP+ सरकार बनाएगी या विपक्ष चौंकाने वाला वार करेगा. कुर्सी पर संकट साफ दिख रहा है और मुकाबला पूरी तरह आर-पार का हो चुका है. ऐसे में इंडिया डेली के एग्जिट पोल का संकेत यह सोचने पर मजबूर कर रहा है कि क्या जनता ने इस बार पूरा राजनीतिक समीकरण बदल दिया है.
पुडुचेरी में मौजूदा मुख्यमंत्री N. Rangasamy के सामने इस बार सरकार बचाने की बड़ी चुनौती खड़ी है. पिछले कार्यकाल में उन्होंने गठबंधन के सहारे सत्ता संभाली थी, लेकिन इस बार मुकाबला पहले से ज्यादा कड़ा नजर आ रहा है. जनता के मूड को लेकर सस्पेंस बना हुआ है और हर पार्टी अपनी जीत का दावा कर रही है.
पुडुचेरी विधानसभा में कुल 33 सीटें हैं, जिनमें से 30 पर चुनाव होता है. मौजूदा चुनाव में एआईएनआरसी और बीजेपी गठबंधन एक साथ मैदान में हैं. एआईएनआरसी 16 सीटों पर, बीजेपी 10 सीटों पर, जबकि एआईएडीएमके और एलजेपी (के) 2-2 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं. दूसरी तरफ कांग्रेस और DMK का गठबंधन भी पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतरा है.
इंडिया डेली के AI एग्जिट पोल के मुताबिक इस बार BJP+ गठबंधन को 15 से 20 सीटें मिल सकती हैं. यह आंकड़ा बताता है कि यह गठबंधन बहुमत के करीब पहुंच सकता है और सरकार बनाने की मजबूत स्थिति में आ सकता है. अगर ये आंकड़े सही साबित होते हैं, तो रंगासामी की वापसी तय मानी जा सकती है.
दूसरी ओर कांग्रेस+DMK गठबंधन को 7 से 15 सीटें मिलने का अनुमान है. यह आंकड़ा बताता है कि विपक्ष इस बार पूरी तरह मुकाबले में है, लेकिन बहुमत तक पहुंचने के लिए उसे अभी और समर्थन की जरूरत पड़ेगी. यह चुनाव कांग्रेस और DMK के लिए भी प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है.
एग्जिट पोल के अनुसार अन्य दलों को 0 से 3 सीटें मिलने का अनुमान है. इसका मतलब है कि मुख्य मुकाबला दो बड़े गठबंधनों के बीच ही सिमट गया है. छोटे दलों की भूमिका इस बार सीमित नजर आ रही है, लेकिन वे सरकार बनाने में किंगमेकर बन सकते हैं.
इस बार का चुनाव सिर्फ सीटों की लड़ाई नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिष्ठा का सवाल भी बन गया है. एक तरफ रंगासामी अपनी सत्ता बचाने की कोशिश में हैं, तो दूसरी तरफ विपक्ष उन्हें हटाने के लिए पूरी ताकत लगा रहा है. जनता का रुझान किस ओर है, यह 4 मई को साफ हो जाएगा.
एग्जिट पोल ने भले ही तस्वीर साफ करने की कोशिश की हो, लेकिन असली फैसला वोटों की गिनती के बाद ही सामने आएगा. अगर BJP+ गठबंधन बहुमत हासिल करता है, तो रंगासामी एक बार फिर मुख्यमंत्री बन सकते हैं. वहीं अगर कांग्रेस+DMK गठबंधन बाजी मारता है, तो पुडुचेरी में सत्ता परिवर्तन तय होगा.
पुडुचेरी का यह चुनाव छोटा जरूर है, लेकिन राजनीतिक रूप से बेहद अहम है. एग्जिट पोल के आंकड़े इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि मुकाबला कड़ा है. अब सबकी नजर 4 मई पर टिकी है, जब यह तय होगा कि जनता ने किसे अपना विश्वास दिया है.