तो क्या ढह जाएगा वामपंथियों का आखिरी किला, केरल सीएम ने मतगणना से पहले ही मान ली हार!
देश में वामपंथियों का आखिरी किला भी ढहता नजर आ रहा है. सीएम पिनराई विजयन ने कल होने वाली मतगणना से पहले राज्य में सत्ता परिवर्तन के बड़े संकेत दिए हैं.
कल यानी सोमवार को पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और असम में हुए चुनाव के नतीजे जारी होंगे. मतगणना से पहले ही केरल के सीएम ने राज्य में सत्ता परिवर्तन के संकेत दे दिये हैं. सीएम पिनराई विजयन ने अपने ट्विटर के बायो से मुख्यमंत्री हटा लिया है. अब उनके बायो में पोलित ब्यूरो सदस्य, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) लिखा है, जबकि पहले उनके बायो में मुख्यमंत्री पद का भी जिक्र शामिल था.
राजनीतिक गलियारों में चर्चा
पिनराई विजयन के इस कदम की राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है. विजयन ने मतगणना से ठीक एक दिन पहले ऐसा किया है. जहां कुछ लोग इसे सामान्य बदलाव मान रहे हैं वहीं कुछ लोग इसे नतीजों से पहले का राजनीतिक संदेश मानकर चल रहे हैं. हालांकि इस बदलाव को लेकर सीएम या उनकी पार्टी का अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
तो क्या ढह जाएगा वामपंथियों का आखिरी किला
केरल एकमात्र ऐसा राज्य है जहां वामपंथियों की सरकार है. इससे पहले सालों तक सत्ता में रहने के बाद वामपंथी सरकार केरल और पश्चिम बंगाल से बाहर हो गई.
1977 के बाद पहली बार होगा ऐसा
त्रिपुरा में साल 2018 में बीजेपी ने चुनाव जीतकर वामपंथी सरकार को बाहर किया. वे पिछले लगभग 25 सालों से सत्ता में थे. इससे पहले पश्चिम बंगाल में साल 2011 में टीएमसी की जीत के साथ ही वामपंथ का सफाया हो गया. टीएमसी की जीत से पहले लगातार 34 वर्षों से बंगाल में वामपंथ की सरकार थी. अगर केरल में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) की सरकार जाती है तो यह 1977 के बाद पहली बार होगा जब देश में किसी भी राज्य में कम्युनिस्ट सरकार नहीं रहेगी.