क्या है 'मगरमच्छ के आंसू' वाली कहावत का मतलब


Babli Rautela
03 May 2025

मगरमच्छ के आंसू

    क्या आपने सुना है 'मगरमच्छ के आंसू' वाली कहावत? आइए जानें इसकी सच्चाई!

कहां से शुरू हुई बात?

    13वीं शताब्दी में लिखा गया कि मगरमच्छ शिकार खाते वक्त आंसू बहाता है.

क्या सच में रोता है मगरमच्छ?

    हां, मगरमच्छ खाते समय आंसू बहाता है, लेकिन ये भावनाएं नहीं, शारीरिक कारण हैं.

वैज्ञानिकों ने खोला राज

    जबड़े की हरकत से हवा साइनस में जाती है, जिससे आंसू निकलते हैं.

आंसुओं का असली काम

    ये आंसू आंखों को साफ रखते हैं, ताकि मगरमच्छ अच्छे से देख सके.

भावनाओं से कोई लेना-देना नहीं

    मगरमच्छ के आंसू दुख या पछतावे का प्रतीक नहीं, ये सिर्फ शारीरिक प्रक्रिया है.

कहावत का सच

    ‘मगरमच्छ के आंसू’ कहावत झूठे दुख को दर्शाती है, पर इसका वैज्ञानिक आधार अलग है.

खाते वक्त आंसू

    यह प्रक्रिया मगरमच्छ और उसके रिश्तेदारों में आम है, जो खाते वक्त आंसू बहाते हैं.

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