फोन खरीदने से पहले जान लें '2-6-10' नियम, नहीं बढ़ेगा फाइनेंशियल बोझ
हर हफ्ते नए मॉडल लॉन्च
आजकल स्मार्टफोन सिर्फ कॉल करने का साधन नहीं रहा, यह कैमरा, गेमिंग, काम और मनोरंजन का पूरा पैकेज है. हर हफ्ते नए मॉडल लॉन्च होते हैं.
जल्दबाजी पड़ेगा महंगा
हालांकि कई बार शानदार फीचर्स, तेज प्रोसेसर और आकर्षक डिजाइन देखकर लोग झट से खरीद लेते हैं. लेकिन जल्दबाजी में महंगा फोन लेने से बाद में पछतावा होता है.
क्या कहता है 2-6-10 नियम?
आज हम आपको फोन खरीदने का 2-6-10 नियम बताते हैं. यह बताता है कि फोन की कीमत, EMI की अवधि और मासिक किस्त आपकी सैलरी के हिसाब से कितनी होनी चाहिए.
'2' का नियम
फोन की कुल कीमत आपकी मासिक सैलरी के आधे से ज्यादा न हो. यानी अगर आपकी सैलरी 60,000 रुपये है तो 30,000 रुपये से महंगा फोन न लें. क्योंकि हर लॉन्च के बाद पुराने फोन की वैल्यू गिर जाती है.
'6' का नियम
कई कंपनियां 12, 18 या 24 महीने की EMI देती हैं. किस्त छोटी लगती है लेकिन यह जाल बन सकती है. इस नियम के मुताबिक EMI 6 महीने से ज्यादा न हो. क्योंकि 1 साल के अंदर फोन में नई तकनीक आ जाती है.
'10' का नियम
फोन की मासिक EMI आपकी सैलरी के 10% से ज्यादा न हो. जैसे अगर आपकी सैलरी 50,000 रुपये तो EMI 5,000 रुपये से कम रखें.
ऑनलाइन और ऑफलाइन
फोन खरीदने से पहले ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों जगह कीमतें चेक करें. कई बार ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों जगहों पर अलग ऑफर होते हैं.
त्योहार के समय फोन
किसी भी त्योहार के समय पर फोन लें ऐसा करने से काफी अच्छे ऑफर मिल जाते हैं.
नए फोन की लॉन्चिंग का इंतजार
नए फोन खरीदने के लिए आपके अगले फोन की लॉन्चिंग का भी इंतजार कर सकते हैं. क्योंकि नए अपडेटेड वर्जन के आने से पुराने के दाम कम हो जाते हैं.