जानिए इस बार क्यों नहीं मनाई जाएगी राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ?


Shanu Sharma
21 Jan 2026

प्रतिष्ठा द्वादशी

    अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में प्रभु श्रीराम के विराजमान होने की वर्षगांठ हर साल श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाई जाती है. यह पर्व ‘प्रतिष्ठा द्वादशी’ के नाम से जाना जाता है और देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं की आस्था इससे जुड़ी हुई है.

नहीं मनेगा पर्व?

    हालांकि इस साल माना जा रहा है कि राम भक्तों को इस आयोजन का साक्षी बनने का अवसर नहीं मिलेगा. ज्योतिषीय कारणों के चलते उस वर्ष प्रतिष्ठा द्वादशी का पर्व नहीं मनाया जाएगा.

पुरुषोत्तम मास

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, प्रभु श्रीराम के विराजमान होने का उत्सव पौष माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को मनाया जाता है. वर्ष 2026 में पंचांग की गणनाओं में अधिकमास, जिसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है, पड़ रहा है.

विशेष तिथि का क्षय

    इसके कारण पौष माह में विलंब होगा और पौष शुक्ल द्वादशी तिथि उपलब्ध नहीं रहेगी. जब किसी वर्ष किसी विशेष तिथि का क्षय हो जाता है, तो उस तिथि से संबंधित पर्व या उत्सव भी उस वर्ष नहीं मनाया जाता.

द्वादशी का आयोजन

    इसी नियम के चलते 2026 में प्रतिष्ठा द्वादशी का आयोजन नहीं किए जाने की खबर है. हालांकि अभी ट्रस्ट की ओर से इसे लेकर कोई भी जानकारी नहीं दी गई है.

2025 श्रद्धालुओं के लिए विशेष

    अयोध्या के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम के अनुसार, वर्ष 2025 श्रद्धालुओं के लिए विशेष रहा था. उस साल पौष शुक्ल द्वादशी तिथि दो बार पड़ी थी, जिसके चलते प्रभु श्रीराम के विराजमान होने की वर्षगांठ दो बार मनाई गई.

दुर्लभ संयोग

    पहली बार यह उत्सव 11 जनवरी 2025 को और दूसरी बार 31 दिसंबर 2025 को आयोजित हुआ था. यह संयोग दुर्लभ माना जाता है और भक्तों के लिए विशेष आस्था का विषय रहा.

एक वर्ष का विराम

    श्रद्धालुओं के लिए राहत की बात यह है कि यह विराम केवल एक वर्ष का है. ज्योतिषाचार्य के अनुसार, अगली बार पौष शुक्ल द्वादशी तिथि 19 जनवरी 2027 को पड़ेगी.

तीसरी वर्षगांठ

    इसी दिन प्रभु श्रीराम के विराजमान होने की तीसरी वर्षगांठ पूरे विधि-विधान और उत्साह के साथ मनाई जाएगी.

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