एक मिनट में 700 गोलियां, सेना को मिली AK- 203 असॉल्ट राइफल


Km Jaya
18 Jul 2025

अमेठी में बनी 'शेर' राइफल

    अमेठी में बनी यह राइफल भारत-रूस साझेदारी का परिणाम है. यह ‘शेर’ नाम से भारतीय सेना में शामिल की जा रही है.

बेहद तेज फायरिंग

    AK-203 एक मिनट में 700 राउंड फायर कर सकती है. यह उग्रवाद और सीमाई हमलों में बेहद असरदार है.

शानदार मारक क्षमता

    इसकी रेंज 800 मीटर तक है, यानी लंबी दूरी तक वार, दुश्मन को दूर से ही निशाना बनाने में सक्षम है.

शक्तिशाली कारतूस

    इसमें 7.62x39 मिमी गोलियों का इस्तेमाल होता है. यह INSAS की तुलना में अधिक घातक होता है.

हल्की और मजबूत

    राइफल का वजन सिर्फ 3.8 किलोग्राम है. यह पुरानी INSAS राइफल से हल्की और बेहतर बैलेंस वाली है.

कॉम्पैक्ट डिजाइन

    बिना बटस्टॉक के यह केवल 705 मिमी लंबी है. जंगल, पहाड़ और घरों में ऑपरेशन के लिए उपयुक्त है.

बड़ी मैगजीन क्षमता

    राइफल की मैगजीन में 30 राउंड तक भरे जा सकते हैं, यह फीचर लगातार फायरिंग में बड़ी ताकत देता है.

विशाल उत्पादन लक्ष्य

    ₹5,200 करोड़ के तहत 6 लाख से ज्यादा राइफलें बनेंगी जो 2030 तक पूरी सप्लाई पूरी करने का लक्ष्य तय है.

तेज डिलीवरी जारी

    अब तक 48,000 राइफलें सेना को दी जा चुकी हैं, इस साल के अंत तक और 15,000 राइफलें दी जाएंगी.

सीमाओं पर पहली पसंद

    AK-203 अब LoC और LAC पर तैनात सैनिकों की मुख्य राइफल होगी. यह आतंकवाद-रोधी अभियानों में भी प्रमुख हथियार बनेगी.

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