सरकारी नौकरी का सपना देखने वाले लालू यादव ने जब बनाई अपनी सरकार
Babli Rautela
11 Jun 2025
जन्मदिन का जश्न
आज राजद सुप्रीमो लालू यादव का 77वां जन्मदिन है, और इस मौके पर हम उनकी जिंदगी की अनकही कहानी आपके सामने ला रहे हैं.
लालू नाम की रोचक शुरुआत
लालू को बचपन में घरवाले ‘प्रसाद’ बुलाते थे, लेकिन भैंस चराने के बाद लाल चेहरा देख पिता कुंदन राय ने उन्हें ‘लालू’ नाम दिया.
गंगोत्री की जुबानी
लालू की बहन गंगोत्री बताती हैं कि लालू सबसे छोटा और नन्हा, लेकिन सबसे निडर बच्चा था, जो हमेशा तेज-तर्रार रहा.
भाई-बहन की जोड़ी थी खास
गंगोत्री और लालू की जोड़ी इतनी मस्त थी कि परेशान करने वालों की धुनाई तक कर देते थे, जिससे बहन को भाई जैसा माना जाता था.
नन्हा लालू, बड़ा जिगर
पिता के मना करने के बावजूद लालू बाबू साहबों के खेत में चले जाते थे, उनका नन्हा दिल कभी डरता नहीं था.
पुलिस की नौकरी का सपना
लालू का सपना था सरकारी नौकरी, लेकिन पुलिस भर्ती में असफल होने के बाद वो पशु चिकित्सा कॉलेज में क्लर्क बने.
राजनीति में अनचाही एंट्री
लालू को राजनीति समझ नहीं थी, लेकिन उनके बेबाक अंदाज ने लोगों को दीवाना बनाया और वो जनता के चहेते बन गए.
जेपी आंदोलन ने बदली राह
जेपी आंदोलन में हिस्सा लेने के बाद लालू ने सियासत में कदम रखा और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.
लालू का जादू
लालू की सादगी, हाजिरजवाबी और बिंदास बोलने का अंदाज आज भी लोगों के दिलों में बस्ता है.