एसिड रिफ्लक्स को मैनेज करेगा ये सुपर फूड्स
एसिड रिफ्लक्स क्यों होता है?
एसिड रिफ्लक्स तब होता है जब पेट का एसिड ऊपर की ओर भोजन नली में चला जाता है. इससे सीने में जलन, खट्टी डकार और पेट में भारीपन जैसी दिक्कतें होती हैं.
क्या कंट्रोल करना संभव?
इसे कंट्रोल करने के लिए लोग कई तरह के चूर्ण और दवाओं का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इसे अपने खाने-पीने में बदलाव कर कंट्रोल किया जा सकता है.
केला
केला कम एसिड वाला फल है, जो पेट में जलन को बढ़ाने के बजाय शांत करता है. यह पेट की अंदरूनी परत पर कोटिंग बनाकर एसिड के असर को कम करने में मदद करता है.
ओटमील
ओटमील जैसे हाई-फाइबर फूड पेट के अतिरिक्त एसिड को सोख लेते हैं. यह न सिर्फ पाचन को बेहतर बनाता है, बल्कि लंबे समय तक पेट भरा हुआ भी रखता है.
सेब
सेब में भरपूर फाइबर होता है और इसमें हल्के अल्कलाइन गुण पाए जाते हैं. यह पेट के एसिड लेवल को संतुलित करने में मदद करता है और रिफ्लक्स के लक्षणों को कम कर सकता है.
दही
प्रोबायोटिक्स से भरपूर दही पेट के लिए बेहद फायदेमंद है. यह पाचन तंत्र को मजबूत करता है और पेट की अंदरूनी परत को आराम देता है, जिससे एसिड रिफ्लक्स की परेशानी घटती है.
हरी पत्तेदार सब्जियां
पालक, केल और लेट्यूस जैसी सब्जियां फैट में कम और फाइबर में ज्यादा होती हैं. ये पेट पर भारी नहीं पड़तीं और एसिडिटी बढ़ने से रोकती हैं.
अंडे का सफेद हिस्सा
अंडे का सफेद हिस्सा पचाने में आसान होता है और प्रोटीन का अच्छा स्रोत है. अगर अंडे की जर्दी से आपको एसिडिटी होती है, तो उसे खाने से बचें.
तरबूज
तरबूज में पानी की मात्रा ज्यादा होती है, जो पेट को ठंडक पहुंचाता है. इसके हाइड्रेटिंग गुण धीरे-धीरे एसिड रिफ्लक्स के लक्षणों को शांत कर सकते हैं.