सदियों पुराना सुपरफूड जो सेहत को बनाता है मजबूत
दय स्वास्थ्य को मजबूत बनाएं
तिल में मौजूद स्वस्थ वसा और विशेष यौगिक जैसे सेसमिन खराब कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं. ये रक्त वाहिकाओं की सेहत सुधारते हैं, सूजन घटाते हैं और संतुलित आहार के साथ नियमित सेवन से हृदय संबंधी जोखिम कम कर सकते हैं.
हड्डियां और दांत हों मजबूत
कैल्शियम, मैग्नीशियम तथा फॉस्फोरस की प्रचुरता के कारण तिल हड्डियों की मजबूती बढ़ाता है. खासकर शाकाहारी लोगों के लिए यह प्राकृतिक स्रोत है, जो हड्डियों की घनत्व बनाए रखने और संबंधित समस्याओं से बचाव में मदद करता है.
पाचन तंत्र को रखें स्वस्थ
तिल फाइबर का बेहतरीन स्रोत है, जो मल त्याग को सुचारू बनाता है. इससे कब्ज दूर होती है, आंतों के अच्छे बैक्टीरिया बढ़ते हैं और समग्र पाचन क्रिया मजबूत होती है.
ब्लड शुगर को नियंत्रित रखें
तिल के फाइबर, स्वस्थ वसा और प्राकृतिक यौगिक शुगर के अवशोषण को धीमा करते हैं. इससे रक्त शर्करा स्थिर रहती है, जो मधुमेह प्रबंधन या इंसुलिन संवेदनशीलता वाले लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है.
एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर सुरक्षा
सेसमोल जैसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट तिल में प्रचुर हैं, जो कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव क्षति से बचाते हैं. सूजन कम होती है और लंबे समय में उम्र संबंधी बीमारियों का खतरा घट सकता है.
त्वचा और बालों को दें नई चमक
जिंक, विटामिन ई और आवश्यक फैटी एसिड त्वचा की लोच बढ़ाते हैं तथा बालों को पोषण देते हैं. पर्यावरणीय नुकसान से सुरक्षा और प्राकृतिक चमक के लिए तिल आदर्श है.
रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा
जिंक, आयरन और सेलेनियम जैसे खनिज शरीर की प्राकृतिक सुरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाते हैं. नियमित सेवन से संक्रमण से लड़ने की क्षमता बढ़ती है और रिकवरी तेज होती है.