मुस्लिम खजूर खाकर क्यों हर दिन तोड़ते हैं रोजा?


Babli Rautela
21 Feb 2026

रमजान की इबादत

    इस्लाम में खजूर से इफ्तार करना सुन्नत-ए-मुक्कदा है. पैगंबर (स.अ.व.) ने स्वयं खजूर (खासकर विषम संख्या में) से रोजा खोलने की सलाह दी थी. यह परंपरा आस्था, बरकत और आत्म-शुद्धि का प्रतीक है, जो रमजान की इबादत को और मजबूत बनाती है.

तुरंत ऊर्जा का स्रोत

    लंबे उपवास के बाद शरीर को तेज़ी से ग्लूकोज़ की ज़रूरत होती है. खजूर में प्राकृतिक शर्करा भरपूर होती है, जो ब्लड शुगर को जल्दी सामान्य करती है और थकान दूर करती है. इससे दिन भर की कमजोरी मिनटों में खत्म हो जाती है.

धीरे-धीरे जारी रहने वाली ऊर्जा

    खजूर में साधारण और जटिल कार्बोहाइड्रेट दोनों मौजूद होते हैं. इससे ऊर्जा की रिलीज़ धीमी और स्थिर रहती है, जो लंबे समय तक भूखे रहने वालों के लिए आदर्श है. साथ ही विटामिन B6, A, K और आयरन जैसे पोषक तत्व तुरंत पोषण प्रदान करते हैं.

हाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस

    सूखे फल होने के बावजूद खजूर में प्राकृतिक पोटैशियम भरपूर होता है, जो इलेक्ट्रोलाइट की तरह काम करता है. यह पानी को शरीर की कोशिकाओं में खींचता है और डिहाइड्रेशन से बचाता है. खजूर के साथ पानी पीना हाइड्रेशन और एनर्जी दोनों के लिए सबसे अच्छा कॉम्बिनेशन है.

वजन नियंत्रण

    इफ्तार में पहले खजूर खाने से भूख की तीव्रता कम होती है. फाइबर युक्त खजूर पाचन शुरू करता है, जिससे शरीर को लगता है कि पर्याप्त भोजन मिल गया है. इससे ओवरईटिंग रुकती है और रमजान में वजन बढ़ने का खतरा कम होता है.

पाचन तंत्र को मजबूती

    रोजे के दौरान आंतों की गति कम होने से कब्ज़ और ब्लोटिंग आम समस्या है. खजूर फाइबर का उत्कृष्ट स्रोत है, जो मल त्याग को आसान बनाता है और पेट संबंधी परेशानियों से राहत देता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञ रोजाना फाइबर की सलाह देते हैं, और खजूर इसमें सहायक साबित होता है.

शारीरिक और मानसिक संतुलन

    खजूर में एंटीऑक्सीडेंट, मैग्नीशियम और अन्य मिनरल्स दिल, मांसपेशियों और इम्यूनिटी को मजबूत करते हैं. यह एनीमिया से लड़ने में मदद करता है और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम करता है. रमजान में इसे अपनाने से शारीरिक और मानसिक संतुलन बेहतर रहता है.

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