जन्माष्टमी पर ऐसे बनाएं धनिया पंजीरी, जानें आसान विधि
उत्तर भारत में पारंपरिक प्रसाद
जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल को भोग लगाने के लिए धनिया पंजीरी खास तौर पर बनाई जाती है. उत्तर भारत के कई घरों में यह पारंपरिक प्रसाद के रूप में तैयार होती है.
सामान्य पंजीरी से कैसे अलग?
आम पंजीरी में गेहूं के आटे का इस्तेमाल होता है, जबकि धनिया पंजीरी में साबुत धनिया के बीज इस्तेमाल किए जाते हैं. इसमें घी, मखाना, नारियल और मेवे मिलाए जाते हैं.
धनिया पंजीरी के लिए सामग्री
साबुत धनिया, घी, बादाम, काजू, खरबूजे के बीज, चिरौंजी, मखाने, सूखा नारियल, पिसी चीनी और इलायची.
सबसे पहले भूनें
साबुत धनिया को साफ करके भारी तले वाले पैन में धीमी आंच पर 2-3 मिनट भूनें. खुशबू आने लगे तो इसे प्लेट में निकालकर ठंडा होने दें. इसके बाद फिर मेवे, बीज और मखाना भून कर ठंडा कर लें.
धनिया पीसकर दोबारा भूनें
ठंडे किए हुए धनिया के बीजों को बारीक या दरदरा पीस लें. पैन में बचा घी गर्म करके धनिया को 1-2 मिनट भूनें.
चीनी कब डालें?
भुनी हुई सभी सामग्री को पहले पूरी तरह ठंडा होने दें. इसके बाद ही पिसी चीनी और इलायची डालें. गर्म मिश्रण में चीनी डालने से पंजीरी चिपचिपी हो सकती है.
अब तैयार है धनिया पंजीरी
सभी भुनी सामग्री, पिसी चीनी और इलायची को अच्छी तरह मिला लें. आपकी धनिया पंजीरी तैयार है.
लड्डू गोपाल को ऐसे लगाएं भोग
तैयार पंजीरी को साफ कटोरे में रखें और जन्माष्टमी की पूजा के दौरान लड्डू गोपाल को भोग लगाएं. चाहें तो इसे तुलसी के पत्ते से सजा सकते हैं.