कब मनाया जाएगा करवा चौथ व्रत? जानें पूजा विधि और परंपरा?


Shanu Sharma
25 Sep 2026

करवा चौथ 2026 कब है?

    करवा चौथ हिंदू धर्म के प्रमुख व्रतों में शामिल है. विवाहित महिलाएं इस दिन पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से निर्जला व्रत रखती हैं. साल 2026 में करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर को रखा जाएगा.

कब शुरू होगी चतुर्थी तिथि?

    पंचांग के अनुसार कार्तिक मास की चतुर्थी तिथि 28 अक्टूबर की सुबह 1:07 बजे शुरू होगी और 29 अक्टूबर की रात 10:11 बजे समाप्त होगी. उदया तिथि के आधार पर करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर को रखा जाएगा.

इस बार बनेंगे ये योग

    करवा चौथ के दिन पंचांग के अनुसार परिधि योग बनने की बात कही गई है. इसके अलावा गौरी योग का भी संयोग बताया गया है. धार्मिक मान्यताओं में इन योगों को शुभ माना जाता है.

करवा चौथ का धार्मिक महत्व

    करवा चौथ को वैवाहिक सुख और पति-पत्नी के रिश्ते से जुड़ा व्रत माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन माता पार्वती की पूजा करने से महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है.

कुंवारी लड़कियां भी रखती हैं व्रत

    करवा चौथ केवल विवाहित महिलाओं तक सीमित नहीं है. कई स्थानों पर कुंवारी लड़कियां भी मनचाहे जीवनसाथी की कामना के साथ यह व्रत रखती हैं.

सरगी से होती है दिन की शुरुआत

    करवा चौथ के दिन महिलाएं सुबह स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लेती हैं. कई परिवारों में सूर्योदय से पहले सरगी खाने की परंपरा होती है. इसके बाद पूरे दिन अन्न और जल का त्याग कर व्रत रखा जाता है.

शाम को होती है विशेष पूजा

    शाम के समय पूजा स्थल की सफाई कर भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय की पूजा की जाती है. इसके बाद करवा माता की आराधना, दीप प्रज्वलन और करवा चौथ की व्रत कथा का पाठ या श्रवण किया जाता है.

चांद निकलने का रहता है इंतजार

    पूजा पूरी होने के बाद व्रती महिलाएं चंद्रमा के उदय होने की प्रतीक्षा करती हैं. चांद दिखाई देने पर पारंपरिक रीति से छलनी के माध्यम से चंद्रमा के दर्शन किए जाते हैं और उन्हें जल अर्पित किया जाता है.

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