SSC की परीक्षा देने जाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
SSC की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी
SSC ने दोहराया है कि नकल या अनुचित साधनों पर उसकी जीरो टॉलरेंस पॉलिसी है। दोषी पाए जाने वाले उम्मीदवारों को डिबार कर दिया जाएगा.
गड़बड़ियों पर सख्त नजर
रजिस्ट्रेशन के दौरान फर्जीवाड़ा, परीक्षा में इम्पर्सोनेशन, चिट पास करना और दूसरों से मदद लेना अब सीधे एक्शन की वजह बनेंगे.
तकनीक से नकल पर रोक
नकल रोकने के लिए आधार आधारित वेरिफिकेशन, फेस रिकग्निशन, सीसीटीवी निगरानी और AI ड्रिवन एनालिटिक्स का इस्तेमाल किया जाएगा.
रिमोट कंट्रोल की कोशिश नाकाम
अगर कोई बाहरी मदद से सिस्टम कंट्रोल करने की कोशिश करेगा तो वह तुरंत पकड़ा जाएगा.
इम्पर्सोनेशन पर सख्त कार्रवाई
दूसरे के नाम से परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों पर केस दर्ज किया जाएगा और उन्हें लंबे समय तक परीक्षा से बाहर रखा जाएगा.
नकल पकड़े जाने पर क्या होगा
गड़बड़ी पकड़ में आने पर परीक्षा रोकी नहीं जाएगी, लेकिन दोषी उम्मीदवार के अंक रद्द कर उसे डिबार किया जाएगा.
किन व्यवहारों से बचना जरूरी
संदिग्ध गतिविधियों जैसे रफ शीट पर जल्दी लिखना, पास बैठे उम्मीदवार से बात करना या दूसरे के सिस्टम में झांकना तुरंत कार्रवाई का कारण बन सकते हैं.
आधार बायोमेट्रिक का महत्व
SSC ने कहा है कि उम्मीदवार आधार बायोमेट्रिक लॉक न करें, क्योंकि कई चरणों पर वेरिफिकेशन ज़रूरी है.
ईमानदारी से परीक्षा दें
आयोग ने उम्मीदवारों को सचेत किया है कि परीक्षा केवल मेहनत और ईमानदारी से पास की जा सकती है, किसी भी शॉर्टकट का नतीजा भविष्य बर्बाद करना होगा.