अप्रैल की गर्मी ने तोड़ा 22 महीने का रिकॉर्ड


Anvi Shukla
08 May 2025

अप्रैल 2025 बना सबसे गर्म महीना

    अप्रैल 2025 अब तक का दूसरा सबसे गर्म अप्रैल रहा, वैश्विक तापमान औसत से 0.60°C ज्यादा दर्ज किया गया, जलवायु बदलाव की चिंता और गहराई.

यूरोप और एशिया में गर्मी का असर

    पूर्वी यूरोप, रूस और कजाकिस्तान में सामान्य से कहीं ज्यादा गर्मी पड़ी, वहीं तुर्किये और बाल्कन क्षेत्र में कुछ ठंडक दर्ज की गई.

समुद्री सतह का तापमान

    अप्रैल 2025 में समुद्र की सतह का तापमान भी दूसरे नंबर पर रहा, अटलांटिक और भूमध्यसागर में असामान्य गर्मी देखी गई.

आर्कटिक और अंटार्कटिका में बर्फ कम

    आर्कटिक में बर्फ सामान्य से 3% कम रही, जबकि अंटार्कटिका में यह कमी 10% तक पहुंच गई, यह खतरनाक संकेत है.

डेटा की गिनती पर सहमति नहीं

    वैज्ञानिकों के बीच अभी तक इस पर एकमत नहीं है कि तापमान मापने के लिए कौन सा तरीका सबसे सही है, जिससे विवाद बना है.

पेरिस समझौते का लक्ष्य अब खतरे में

    पेरिस समझौता कहता है तापमान को 1.5°C तक सीमित करें, लेकिन हालिया आंकड़े इस लक्ष्य को जल्द पार करने की चेतावनी दे रहे हैं.

जलवायु व्यवस्था में हो रहे बदलाव

    वैज्ञानिक कह रहे हैं कि जलवायु प्रणाली में जो बदलाव हो रहे हैं, उन्हें समझने और उस पर काम करने की जरूरत और बढ़ गई है.

एयरोसोल में कमी बनी कारण?

    कुछ वैज्ञानिक मानते हैं कि तापमान में अचानक बढ़ोतरी कुछ क्षेत्रों में प्रदूषण कम होने से हुई है, जिससे सूरज की गर्मी सीधी पहुंच रही है.

अब क्या करना होगा?

    विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु की निगरानी, वैश्विक सहयोग और ठोस कदम ही दुनिया को इस गर्मी के संकट से बचा सकते हैं.

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