संविधान: वो किताब जो देती है हक, सुरक्षा और सम्मान की गारंटी


Kuldeep Sharma
26 Jan 2026

मौलिक अधिकार, जो आपको ताकत देते हैं

    अनुच्छेद 14 से 32 तक मिले मौलिक अधिकार हर नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का भरोसा देते हैं.

न अमीर, न गरीब- सब समान

    संविधान कहता है कि कानून की नजर में हर नागरिक बराबर है, चाहे उसकी जाति, धर्म या लिंग कुछ भी हो.

बोलने और सोचने की आजादी

    संविधान नागरिकों को अपनी बात रखने, सवाल पूछने और शांतिपूर्ण विरोध करने का अधिकार देता है.

आस्था आपकी, फैसला आपका

    भारत का संविधान हर व्यक्ति को अपने धर्म को मानने, बदलने या न मानने की स्वतंत्रता देता है.

सामाजिक और आर्थिक न्याय

    नीति निदेशक सिद्धांत सरकार को शिक्षा, रोजगार और समान वेतन जैसे लक्ष्यों की दिशा दिखाते हैं.

वोट- आपकी सबसे बड़ी ताकत

    18 साल की उम्र के बाद हर नागरिक को वोट का अधिकार है, जो लोकतंत्र की असली नींव है.

सत्ता पर नियंत्रण- तानाशाही से सुरक्षा

    कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका के बीच शक्ति संतुलन नागरिकों को निरंकुश शासन से बचाता है.

बदलते समय के साथ संविधान

    संविधान में संशोधन की व्यवस्था इसे समय और जरूरतों के अनुसार प्रासंगिक बनाए रखती है.

जिम्मेदार नागरिक, मजबूत भारत

    संविधान नागरिकों को कर्तव्य निभाने की सीख देता है, ताकि देश एकजुट और मजबूत बना रहे.

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