भारत, चीन और पाकिस्तान के लिए क्यों महत्वपूर्ण है शक्सगाम घाटी
ट्रांस-काराकोरम ट्रैक्ट
शक्सगाम घाटी, जिसे ट्रांस-काराकोरम ट्रैक्ट के नाम से भी जाना जाता है, दुनिया के सबसे दुर्गम और ऊंचे इलाकों में शुमार है.
पहुंचना आसान नहीं
यह काराकोरम पर्वत श्रृंखला के उत्तरी हिस्से में बसी हुई है, जहां पहुंचना आम इंसान के लिए लगभग असंभव सा है. यहां की ऊंची चोटियां, गहरी खाइयां और कठिन मौसम इसे एक अलग ही दुनिया बना देते हैं.
भारत, चीन और पाकिस्तान से कनेक्शन
शक्सगाम घाटी उत्तर में चीन के शिनजियांग प्रांत से, दक्षिण और पश्चिम में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के उत्तरी हिस्सों से और पूर्व में भारत के सियाचिन ग्लेशियर से घिरी हुई है.
यारकंद नदी
इसका नाम शक्सगाम नदी से पड़ा है, जो यारकंद नदी की प्रमुख सहायक नदी है और चीन के शिनजियांग क्षेत्र से होकर बहती है.
गिलगित-बाल्टिस्तान
यह क्षेत्र पाकिस्तान के गिलगित-बाल्टिस्तान (पूर्व में हुंजा-गिलगित) इलाके में आता है और भारत इसे अवैध रूप से कब्जे वाला विवादित क्षेत्र मानता है.
2 का उत्तरी बेस कैंप
यह घाटी दुनिया की कुछ सबसे ऊंची चोटियों से घिरी हुई है, जिनमें K2 भी शामिल है. जो दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची पर्वत चोटी है.यहां से K2 का उत्तरी बेस कैंप भी पहुंचा जा सकता है, लेकिन रास्ता बेहद जोखिम भरा होता है.
सैन्य दृष्टि से संवेदनशील
अपनी अनोखी भौगोलिक स्थिति के कारण शक्सगाम घाटी तीन बड़े देशों भारत, चीन और पाकिस्तान के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. यह इलाका भू-राजनीतिक और सैन्य दृष्टि से संवेदनशील है.
रणनीतिक लाभ या चुनौती
यहां की ऊंचाई और दुर्गमता इसे किसी भी देश के लिए रणनीतिक लाभ या चुनौती दोनों बना सकती है.