भगोड़े ललित मोदी ने 3 लाख की आबादी वाले देश में क्यों ली शरण?
ललित मोदी ने छोड़ी भारतीय नागरिकता
आईपीएल के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में अपना भारतीय पासपोर्ट सरेंडर करने के लिए आवेदन किया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने प्रशांत महासागर में स्थित वानुअतु की नागरिकता ले ली है.
वानुअतु - एक छोटा लेकिन खास द्वीप देश
वानुअतु एक दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित देश है, जो 83 छोटे द्वीपों का समूह है. इनमें से 65 द्वीपों पर ही लोग रहते हैं. इसकी राजधानी पोर्ट विला है.
क्यों चुना ललित मोदी ने वानुअतु?
वानुअतु अपनी नागरिकता-द्वारा-निवेश (CBI) योजना के लिए मशहूर है. इसके तहत कोई भी विदेशी $1,50,000 देकर नागरिकता प्राप्त कर सकता है. कोई आयकर या कैपिटल गेन टैक्स नहीं होने के कारण यह टैक्स हेवन माना जाता है.
कितने देशों में वीजा फ्री यात्रा?
वानुअतु पासपोर्ट धारक 56 देशों में बिना वीज़ा यात्रा कर सकते हैं. इस वजह से कई अमीर और कारोबारी इस देश की नागरिकता लेना पसंद करते हैं.
कर-मुक्त अर्थव्यवस्था
वानुअतु की अर्थव्यवस्था कृषि, पर्यटन और अपतटीय वित्तीय सेवाओं पर आधारित है. यहां इनकम टैक्स, कैपिटल गेन टैक्स, उत्तराधिकार कर और विनिमय नियंत्रण नहीं है, जिससे यह निवेशकों के लिए आकर्षक बनता है.
क्या है वानुअतु की आबादी?
2020 की जनगणना के अनुसार, वानुअतु की कुल जनसंख्या 3 लाख के करीब (300,019) है, जिसमें 151,597 पुरुष और 148,422 महिलाएं हैं.
ज्वालामुखियों और प्राकृतिक सुंदरता का देश
वानुअतु में कई सक्रिय ज्वालामुखी हैं, जिनमें माउंट यासुर सबसे प्रसिद्ध है. यह दुनिया के सबसे सुलभ सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक है.