कौन है इस्तीफा देने वाले महाराष्ट्र के मंत्री धनंजय मुंडे? बलात्कार का लग चुका है आरोप?
सरपंच हत्या विवाद में उलझे, देना पड़ा इस्तीफा
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री धनंजय मुंडे को सरपंच संतोष देशमुख हत्या मामले में नाम जुड़ने के बाद इस्तीफा देना पड़ा. उनके करीबी सहयोगी वाल्मीकि कराड को इस हत्या का मास्टरमाइंड बताया गया, जिसके चलते राजनीतिक दबाव बढ़ गया और अंततः उन्हें पद छोड़ना पड़ा.
बीजेपी के उत्तराधिकारी से एनसीपी के बड़े नेता बने
धनंजय मुंडे का राजनीतिक सफर बीजेपी से शुरू हुआ. वह गोपीनाथ मुंडे के करीबी माने जाते थे, लेकिन 2009 में मतभेद बढ़ने के बाद उन्होंने एनसीपी का दामन थाम लिया. इसके बाद उन्होंने खुद को एक मजबूत ओबीसी नेता के रूप में स्थापित किया.
अजित पवार के भरोसेमंद साथी
एनसीपी में आने के बाद धनंजय मुंडे अजित पवार के सबसे करीबी नेताओं में से एक बन गए. जब एनसीपी का विभाजन हुआ, तो उन्होंने अजित पवार के गुट का समर्थन किया और सरकार में मंत्री बने.
विवादों से जुड़ा रहा नाम, पारिवारिक जीवन भी रहा चर्चा में
धनंजय मुंडे हमेशा विवादों में घिरे रहे हैं. 2021 में उन पर बलात्कार का आरोप लगाया गया, जिसे बाद में वापस ले लिया गया. उनकी पहली पत्नी करुणा शर्मा भी उन पर कई गंभीर आरोप लगा चुकी हैं, जिससे उनका निजी जीवन भी सुर्खियों में रहा.
बीड जिले में बढ़ता विरोध, बीजेपी विधायक भी खिलाफ
बीड में धनंजय मुंडे का बढ़ता प्रभाव स्थानीय नेताओं के लिए चिंता का विषय बन गया. बीजेपी के कई विधायक उन्हें जिले का संरक्षक मंत्री नहीं बनाना चाहते थे. उनके पूर्व सहयोगी सुरेश धास अब उनके कट्टर विरोधी बन गए थे.
सरपंच हत्या मामला बना इस्तीफे की वजह
सरपंच संतोष देशमुख की हत्या मामले में चार्जशीट में धनंजय मुंडे के करीबी का नाम सामने आने के बाद उन्हें पद छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा. इस विवाद ने एनसीपी और महायुति गठबंधन के लिए मुश्किलें खड़ी कर दीं.
इस्तीफे के बाद महाराष्ट्र की राजनीति पर असर?
धनंजय मुंडे के इस्तीफे के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. ओबीसी नेता होने के कारण उनके जाने से एनसीपी और बीजेपी के समीकरण प्रभावित हो सकते हैं. अब यह देखना होगा कि उनका राजनीतिक भविष्य किस दिशा में जाएगा.