राज्यसभा में विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लेकर आए जेपी नड्डा, क्या होता है इसका मतलब?


India Daily Live
09 Aug 2024

विपक्ष के आचरण की निंदा

    जेपी नड्डा ने विपक्ष के आचरण की निंदा की है और प्रस्ताव पेश किया है.

क्यों लाया जाता है निंदा प्रस्ताव?

    निंदा प्रस्ताव, आमतौर पर सत्तारूढ़ सरकार के खिलाफ विपक्ष पेश करता है लेकिन सत्तारूढ़ दल भी विपक्ष की तीव्र आलोचना के लिए ऐसा कर सकता है.

क्या है निंदा प्रस्ताव?

    निंदा प्रस्ताव, किसी पक्ष की आलोचना करने के लिए लाया जाता है. इसमें एक दल के सदस्य, दूसरे दल की तीव्र आलोचना करते हैं.

कहां है इसका प्रावधान?

    निंदा प्रस्ताव, संसद की नीति-निर्देशिका 'प्रैक्टिस एंड प्रोसीजर ऑफ पार्लियामेंट' के अध्याय 26 में है.

कहां लाया जाता है निंदा प्रस्ताव?

    निंदा प्रस्ताव लोकसभा और राज्यसभा कहीं भी पेश किया जा सकता है.

क्या है इसका मकसद?

    किसी सरकार या दल, मंत्रियों या नेता या की निंदा करना ही इस प्रस्ताव का मकसद होता है. इसमें असहमति जताई जाती है.

क्यों हैरान कर रहा है ये मामला?

    ऐसा कम होता है जब सरकार विपक्ष के लिए खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाए. यह सत्तारूढ़ दल के खिलाफ लाया जाता है.

प्रतीकात्मक होता है प्रस्ताव

    यह प्रस्ताव प्रतीकात्मक होता है. इसे लोकसभा का कोई भी सदस्य पेश कर सकता है. इसकी वजह बतानी होती है.

स्पीकर की सहमति अनिवार्य

    इसके लिए स्पीकर की सहमति अनिवार्य होती है. उसके बाद ही वोटिंग और बहस का समय तय किया जाता है.

कैसे पास होता है निंदा प्रस्ताव

    इसके लिए सामान्य मेजॉरिटी चाहिए. संसद के 50 प्रतिशत से ज्यादा मत की जरूरत पड़ती है.

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