भारत के किन मंदिरों ने सीमा पर दुश्मन की हर चाल को किया फेल?
Babli Rautela
09 May 2025
आस्था के प्रहरी
भारत की सीमाओं पर बसे मंदिर न केवल आध्यात्मिक केंद्र हैं, बल्कि देश की सुरक्षा में भी चुपके से योगदान देते हैं.
पठार नाथ बाबा मंदिर, लद्दाख
कारगिल में बमबारी से अछूता रहा यह मंदिर बाबा और उनके कुत्तों की रहस्यमय शक्ति का प्रतीक है, जहाँ शिव की पूजा होती है.
मंगला माता मंदिर, जम्मू
नौशेरा की गुफा में स्थित इस मंदिर को देवी मंगला ने स्वप्न में प्रकट होकर बनवाया, जो गोलाबारी में भी सुरक्षित रहा.
बाबा हरभजन सिंह मंदिर, सिक्किम
नाथुला सीमा पर 13,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह मंदिर सैनिक हरभजन सिंह की आत्मा को समर्पित है, जो आज भी गश्त करती मानी जाती है.
तनोट माता मंदिर, राजस्थान
थार रेगिस्तान में भारत-पाक सीमा पर बसा यह मंदिर 1965 के युद्ध में 3,000 बमों के बावजूद अडिग रहा, जिसका श्रेय माता को जाता है.
सीमाओं का आध्यात्मिक कवच
ये मंदिर सैनिकों और स्थानीय लोगों को न केवल आस्था, बल्कि मानसिक शक्ति और सांत्वना भी प्रदान करते हैं.
ऐतिहासिक और चमत्कारी कहानियां
इन मंदिरों से जुड़ी किंवदंतियां, जैसे बमों का न फटना, इन्हें चमत्कारी और पवित्र बनाती हैं.
सैनिकों का सहारा
सीमा पर तैनात सैनिक इन मंदिरों को अपनी रक्षा और मनोबल का आधार मानते हैं.