कश्मीर में खून की 11 तारीखें, जो कभी नहीं भूल पाएगा देश


Ritu Sharma
23 Apr 2025

छत्तीसिंहपोरा नरसंहार (2000)

    21 मार्च 2000 को अनंतनाग के इस गांव में आतंकियों ने 36 सिखों की निर्मम हत्या की.

नुनवान बेस पर हमला (2000)

    अमरनाथ यात्रा के दौरान पहलगाम में तीर्थ यात्रियों पर हमला, 32 लोगों की मौत हुई.

शेषनाग बेस पर हमला (2001)

    जुलाई में फिर अमरनाथ यात्रियों को निशाना बनाया गया, 13 श्रद्धालुओं की जान गई.

विधानमंडल फिदायीन हमला (2001)

    श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर विधानमंडल पर आत्मघाती हमला, 36 लोग मारे गए.

चंदनवारी बेस पर हमला (2002)

    अमरनाथ यात्रा के दौरान एक और हमला, जिसमें 11 यात्रियों की जान चली गई.

राष्ट्रीय राजमार्ग पर विस्फोट (2002)

    जम्मू-श्रीनगर हाइवे पर IED ब्लास्ट में 19 लोगों की मौत, जिनमें सुरक्षाकर्मी और महिलाएं शामिल थीं.

पुलवामा नरसंहार (2003)

    23 मार्च को नंदीमार्ग गांव में आतंकियों ने 24 कश्मीरी पंडितों की हत्या कर दी.

पुलवामा कार ब्लास्ट (2005)

    स्कूल के पास धमाका, जिसमें 2 बच्चों समेत 13 लोगों की मौत हुई.

कुलगाम में मजदूरों की हत्या (2006)

    9 बिहारी और नेपाली मजदूरों की आतंकियों ने बेरहमी से हत्या कर दी.

पहलगाम का ताजा हमला (2025)

    22 अप्रैल को बैसारन घाटी में टूरिस्टों पर आतंकी हमला, अब तक 26 मौतों की पुष्टि.

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