मनमोहन सिंह ने इन 5 नेताओं को पछाड़कर PM पद जीता
92 के उम्र में निधन
आज भारत ने अपने एक खास रत्न को खो दिया. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 92 के उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया.
विदेशों तक शोक की लहर
सिहं के निधन से ना केवल देश बल्कि विदेशों तक शोक की लहर है. स्टीफन हार्पर और हामिद करजई समेत कई विश्व के नेताओं ने उनके निधन पर शोक जताया है.
मनमोहन सिंह के PM बनने की कहानी
आज सिंह से जुड़ी कई कहानियां लोग साझा कर रहे हैं. जिनमें से एक कहानी उनके PM बनने की भी है.
5 मंझे खिलाड़ियों को पछाड़ा
मनमोहन सिंह ने पीएम की रेस में 5 मंझे खिलाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए ये रेस जीता था. उनके पीएम बनने की कहानी रामविलास पासवान ने अपने बायोग्राफी ‘संघर्ष, साहस और संकल्प’ में की है.
2004 में UPA जीता
राम विलास बताते हैं कि 2004 में UPA के जीतने के बाद और सोनिया गांधी के पीएम बनने से इनकार करने के बाद इस कुर्सी में 5 दावेदार थे.
प्रणब मुखर्जी
इस रेस में पहला नाम प्रणब मुखर्जी का था. लेकिन उन्हें पीएम की कुर्सी नहीं मिली बल्कि मनमोहन सरकार में उन्होंने वित्त और रक्षा मंत्रालय संभाला.
अर्जुन सिंह
अर्जुन सिंह को गांधी परिवार का काफी करीबी माना जाता था. इसके अलावा अर्जुन UPA के भी पसंदीदा नेता थे. इसके बाद भी वो पीएम नहीं बन पाए. मनमोहन सरकार के कार्यकाल के दौरान उन्हें शिक्षा मंत्री बनाया गया.
एनडी तिवारी
यूपी और यूके के मुख्यमंत्री रह चुके एनडी तिवारी का भी नाम पीएम की रेस में था . लेकिन उन्हें भी सत्ता सुख नहीं मिल पाया.
शिवराज पाटिल
मुंबई अर्थव्यवस्था का केंद्र माना जाता है और शिवराज पाटिल को महाराष्ट्र का कद्दावर नेता कहा जाता था. इसके बाद भी उन्हें ये जीत नहीं मिली. हालांकि इस दौरान उन्होंने गृह मंत्रालय का भार संभाला.
पी चिदंबरम
इस रेस में एक और नाम प्रमुख है. वो नाम है अर्थशास्त्री पी चिदंबरम का था, लेकिन मनमोहन सिंह ने उन्हें भी पछाड़ दिया.
तीन वजह से बनें पीएम
माना जाता है सिंह मुख्य तौर पर तीन वजह से पीएम चुने गए थे. पहला वो किसी गुट के नहीं थे. दूसरा उनके होने से राहुल गांधी के लिए पिच तैयार हो जाता और तीसरा की उन्होंने भारत को आर्थिक तंगी से बाहर निकाला था