मशहूर गायक प्रतुल मुखोपाध्याय का निधन, 82 साल की उम्र में ली अंतिम सांस


Ritu Sharma
15 Feb 2025

लंबी बीमारी के बाद अंतिम सांस ली

    बंगाली संगीत जगत के प्रतिष्ठित गायक और गीतकार प्रतुल मुखोपाध्याय का शनिवार सुबह निधन हो गया. वह 82 वर्ष के थे और अग्नाशय संबंधी बीमारियों के साथ-साथ अन्य बुढ़ापे से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे.

सामाजिक मुद्दों पर गाने के लिए प्रसिद्ध

    मुखोपाध्याय अपनी क्रांतिकारी धुनों और सामाजिक संदेश देने वाले गीतों के लिए पहचाने जाते थे. उन्होंने बिना किसी वाद्ययंत्र के भी अपने गीतों को प्रस्तुत किया और जनता को अपनी आवाज से जोड़ने का काम किया.

'अमी बांग्लाए गण गाई' और 'डिंगा भाषाओ सागोर' के रचयिता)

    उन्होंने कई लोकप्रिय गीतों की रचना की, जिनमें 'अमी बांग्लाए गण गाई' और 'डिंगा भाषाओ सागोर' जैसे गीत शामिल हैं. ये गाने बंगाली समाज में जागरूकता फैलाने और सांस्कृतिक चेतना जगाने का काम करते थे.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जताया शोक

    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गायक के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया. उन्होंने हाल ही में एसएसकेएम अस्पताल में प्रतुल मुखोपाध्याय से मुलाकात भी की थी. उन्होंने गायक के परिवार और प्रशंसकों के प्रति संवेदना प्रकट की.

अस्पताल में हुआ इलाज, सर्जरी के बाद बिगड़ी हालत)

    प्रतुल मुखोपाध्याय का इलाज सरकारी एसएसकेएम अस्पताल में चल रहा था. स्वास्थ्य खराब होने पर उन्हें आईटीयू में शिफ्ट किया गया, लेकिन सर्जरी के बाद भी उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ और अंततः उन्होंने शनिवार सुबह अंतिम सांस ली.

कला और समाज के प्रति योगदान अमर रहेगा

    उनका संगीत सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं था, बल्कि वह अपने गीतों के माध्यम से सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी आवाज उठाते थे. उनकी संगीत यात्रा हमेशा बंगाल के सांस्कृतिक इतिहास का हिस्सा बनी रहेगी.

परिवार में पत्नी को छोड़ गए पीछे

    प्रतुल मुखोपाध्याय अपने परिवार में अपनी पत्नी को अकेला छोड़ गए हैं. उनके निधन से पूरे संगीत जगत और बंगाली संस्कृति प्रेमियों में शोक की लहर दौड़ गई है.

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