पुरी से तिरुपति तक, देश के 4 बड़े मंदिरों के पास कितनी संपत्ति?
पुरी मंदिर की संपत्ति ने खींचा ध्यान
मंदिर के बैंक खातों में 1,911.80 करोड़ रुपये जमा हैं. इनमें 1,811.10 करोड़ रुपये फिक्स्ड डिपॉजिट में हैं. इसके अलावा मंदिर के नाम 60,821 एकड़ जमीन दर्ज है.
ओडिशा में सबसे ज्यादा जमीन
जगन्नाथ मंदिर की कुल जमीन में से 60,426 एकड़ ओडिशा के 24 जिलों में है. करीब 395 एकड़ जमीन देश के छह अन्य राज्यों में बताई गई है.
राम मंदिर ट्रस्ट के पास कितनी रकम
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पास 31 मार्च 2026 को 1,882 करोड़ रुपये की उपलब्ध राशि थी. वित्त वर्ष 2025-26 में ट्रस्ट की आय 237 करोड़ रुपये रही, जबकि 91 करोड़ रुपये खर्च हुए.
राम मंदिर में नई प्रशासनिक जिम्मेदारी
राम मंदिर ट्रस्ट ने रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को अपना पहला CEO नियुक्त किया है. उनकी जिम्मेदारी मंदिर प्रशासन, चढ़ावे की निगरानी और कर्मचारियों के प्रबंधन जैसे कार्यों की निगरानी से जुड़ी होगी.
गुरुवायूर मंदिर की संपत्ति
केरल के गुरुवायूर श्रीकृष्ण मंदिर से जुड़े RTI आंकड़ों के मुताबिक विभिन्न बैंकों में करीब 1,737.04 करोड़ रुपये जमा थे. मंदिर के पास 271.05 एकड़ जमीन भी बताई गई थी.
तिरुपति के आंकड़े सबसे बड़े
तिरुमला तिरुपति देवस्थानम यानी TTD के पास उपलब्ध पुराने आंकड़ों के अनुसार करीब 16,000 करोड़ रुपये की बैंक जमा राशि थी. यह बैंक जमा का आंकड़ा 2022 का है.
2026 में TTD का बजट कितना
तिरुपति TTD का 2026 में वार्षिक बजट 5,456.26 करोड़ रुपये मंजूर किया गया है. हालांकि बजट और बैंक में जमा रकम अलग-अलग चीजें हैं. इसलिए दोनों आंकड़ों को जोड़कर मंदिर की कुल संपत्ति बताना सही नहीं होगा.
मंदिरों की कमाई आती कहां से है
इन मंदिरों की आय में भक्तों का दान और चढ़ावा प्रमुख स्रोत हैं. इसके अलावा बैंक ब्याज, जमीन से जुड़ी आय, संपत्तियों से कमाई, सरकारी सहायता और कुछ जगह अन्य स्रोत भी शामिल हैं.
करोड़ों की रकम का इस्तेमाल कैसे
मंदिरों की जमा रकम का इस्तेमाल रोजमर्रा की व्यवस्था, रखरखाव, कर्मचारियों, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर किया जाता है.