कौन हैं सीपी राधाकृष्णन? छात्र आंदोलन से 15वें उपराष्ट्रपति बनने तक का सफर


Reepu Kumari
12 Sep 2025

धनखड़ के इस्तीफे के बाद हुआ चुनाव

    जगदीप धनखड़ के अचानक स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफे के बाद मध्यावधि चुनाव कराना पड़ा, जिसमें राधाकृष्णन ने जीत दर्ज की.

उपराष्ट्रपति पद की शपथ ग्रहण

    सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में पद की शपथ ली. समारोह में कई वरिष्ठ नेता और गणमान्य हस्तियां मौजूद रहीं.

चुनाव में शानदार जीत

    9 सितंबर को हुए चुनाव में उन्होंने विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को 152 वोटों के बड़े अंतर से हराकर जीत हासिल की.

महाराष्ट्र राज्यपाल पद से इस्तीफा

    उपराष्ट्रपति चुने जाने के बाद राधाकृष्णन ने महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से इस्तीफा दे दिया. अब गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत को महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है.

छात्र आंदोलन से राजनीतिक सफर की शुरुआत

    राधाकृष्णन का सार्वजनिक जीवन छात्र आंदोलनों से शुरू हुआ. बाद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और फिर भाजपा संगठन से जुड़कर उन्होंने राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई.

भाजपा संगठन में अहम भूमिका

    वह 2004 से 2007 तक तमिलनाडु भाजपा के अध्यक्ष रहे. इस दौरान उन्होंने 93 दिनों में 19,000 किलोमीटर की रथ यात्रा निकाली, जिसका उद्देश्य सामाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों को उठाना था.

संसद और राज्यों में योगदान

    राधाकृष्णन दो बार लोकसभा सांसद रहे. राज्यपाल के रूप में उन्होंने महाराष्ट्र, झारखंड, तेलंगाना और पुडुचेरी में जिम्मेदारियां संभालीं.

अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की आवाज

    2004 में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया और ताइवान जाने वाले पहले संसदीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बने.

'तमिलनाडु का मोदी'

    अपनी विनम्रता और संगठनात्मक क्षमता के कारण समर्थक उन्हें 'तमिलनाडु का मोदी' कहते हैं. वह ओबीसी समुदाय कोंगु वेल्लार से आते हैं और दक्षिण भारत में भाजपा के विस्तार में अहम भूमिका निभा चुके हैं.

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