नए क्रिमिनल लॉ के हिसाब से कितनी बदलीं बड़े अपराधों की धाराएं?
India Daily Live
01 Jul 2024
तीन आपराधिक कानून आज से इतिहास
तीन आपराधिक कानून आज से इतिहास बन गए. भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह नए कानून लागू हो गए हैं.
आज से लागू हुए ये तीन नए कानून
पुराने तीन आपराधिक कानूनी की जगह आज से भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू हो गए.
नए क्रिमिनल लॉ में बदल गईं धाराएं
तीन नए क्रिमिनल लॉ के हिसाब से कुछ बड़े अपराधों की पुरानी धाराओं की जगह अब नई धाराएं लगाई जाएंगी.
हत्या के लिए 302 की जगह 103
पुराने कानून के तहत हत्या के लिए धारा 302 का प्रावधान था. अब नए कानून के तहत धारा 103 लगेगी.
विवाहिता के खिलाफ हिंसा में अब धारा 85
विवाहित महिला के खिलाफ क्रूरता के लिए IPC में धारा 498ए का प्रावधान था, अब धारा 85 के तहत कार्रवाई होगी.
रेप के मामले में 375 की जगह धारा 63
बलात्कार के मामले में IPC के तहत आरोपियों के खिलाफ धारा 375 लगती थी, लेकिन अब धारा 63 के तहत कार्रवाई होगी.
राजद्रोह के लिए धारा 152 के तहत कार्रवाई
राजद्रोह के लिए पुराने कानून में धारा 124ए के तहत कार्रवाई होती थी. अब इस अपराध के लिए धारा 152 के तहत कार्रवाई होगी.
मानहानि मामले में 499 की जगह धारा 356
मानहानि के मामले में भारतीय दंड संहिता के तहत धारा 499 लगता था. अब भारतीय न्याय संहिता के तहत धारा 356 लगेगी.
धोखाधड़ी के लिए 420 नहीं, अब 318
धोखाधड़ी के लिए पहले धारा 420 का यूज होता था, लेकिन अब धारा 318 के तहत कार्रवाई होगी.
दहेज हत्या के लिए धारा 80 के तहत कार्रवाई
दहेज हत्या के लिए आरोपी के खिलाफ धारा 304बी के तहत कार्रवाई होती थी, अब धारा 80 के तहत कार्रवाई होगी.
हत्या के प्रयास के लिए 109 के तहत कार्रवाई
हत्या के प्रयास के लिए धारा 307 का यूज होता था. अब भारतीय न्याय संहिता में धारा 109 के तहत कार्रवाई होगी.
यौन उत्पीड़न के लिए 354A के तहत कार्रवाई
यौन उत्पीड़न के लिए IPC की धारा 354ए के तहत कार्रवाई होती थी. अब धारा 75 के तहत कार्रवाई होगी.
गैंगरेप के लिए अब धारा 70(1)
सामूहिक बलात्कार के लिए पहले IPC की धारा 376D के तहत कार्रवाई होती थी. अब धारा 70(1) के तहत कार्रवाई होगी.