Waqf Bill पर संग्राम: कौन समर्थन में, कौन कर रहा विरोध?
वक्फ विधेयक पर क्यों हो रही है चर्चा?
वक्फ विधेयक को लेकर संसद में बड़ा राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है. लोकसभा में यह विधेयक 2 अप्रैल यानी आज पेश किया जाएगा, जबकि 3 अप्रैल को इसे राज्यसभा में रखा जाने की संभावना है.
सरकार का दावा
वक्फ विधेयक को लेकर सरकार का दावा है कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन के लिए लाया जा रहा है, लेकिन विपक्ष इसे अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमले के रूप में देख रहा है.
समर्थन करने वाले दल - कौन सरकार के साथ?
भाजपा को अपने सहयोगी दलों का पूरा समर्थन मिलने की उम्मीद है. जेडीयू, टीडीपी, एलजेपी (रामविलास) और शिवसेना जैसी पार्टियां इस विधेयक के पक्ष में हैं.
विरोध करने वाले दल - विपक्ष की रणनीति क्या है?
कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, डीएमके, राजद, एनसीपी (शरद पवार गुट) और वामपंथी दल इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं.
लोकसभा में बहुमत की स्थिति
लोकसभा में कुल 542 सांसद हैं और साधारण बहुमत के लिए 272 सांसदों का समर्थन जरूरी है.
राज्यसभा में संख्याबल का गणित
राज्यसभा में कुल 245 सदस्य हैं, जिसमें विधेयक पारित करने के लिए 119 सांसदों का समर्थन आवश्यक है.
क्या कह रहे हैं विरोधी दल?
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों को प्रभावित करेगा और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमला करेगा.
क्या विधेयक पास हो पाएगा?
संसद में भाजपा और उसके सहयोगी दलों के संख्याबल को देखते हुए यह विधेयक लोकसभा और राज्यसभा दोनों में पास होने की संभावना है.