बालों को स्ट्रेट करने वाला केमिकल ला सकता है डायलिसिस तक की नौबत
केमिकल ट्रीटमेंट
पिछले कुछ वर्षों में स्ट्रेट और सिल्की बालों का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है. लोग खूबसूरत दिखने के लिए ब्यूटी पार्लर और हेयर सैलून में जाकर केमिकल ट्रीटमेंट से बालों को सीधा करवा रहे हैं.
सेहत के लिए गंभीर
लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह फैशन आपकी सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकता है?
किडनी पर भी बुरा असर
बालों को स्ट्रेट करने के दौरान केमिकल युक्त क्रीम लगाकर बार-बार हीटिंग की जाती है. इस प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाले केमिकल आंखों, नाक और त्वचा में जलन पैदा कर सकते हैं. इतना ही नहीं, ये केमिकल शरीर के अंदर जाकर किडनी पर भी बुरा असर डालते हैं.
ग्लाइऑक्जलिक एसिड
प्रोफेसर डॉक्टर बीपीएस त्यागी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो के जरिए लोगों को चेतावनी दी है. उन्होंने बताया कि बालों को सीधा करने में इस्तेमाल होने वाला ग्लाइऑक्जलिक एसिड नाम का केमिकल बेहद खतरनाक है.
नेफ्रोपैथी नाम की बीमारी
यह बालों को तो स्ट्रेट कर देता है, लेकिन धीरे-धीरे किडनी को नुकसान पहुंचाता है. डॉक्टर के मुताबिक, इस केमिकल के कारण नेफ्रोपैथी नाम की बीमारी हो सकती है.
रीनल फेलियर
समय रहते इलाज न होने पर किडनी फेल होने का खतरा बढ़ जाता है और मरीज को डायलिसिस की जरूरत पड़ सकती है. कुछ मामलों में स्थिति एक्यूट रीनल फेलियर तक पहुंच जाती है.
एक्यूट किडनी इंजरी
ग्लाइऑक्जलिक एसिड को कई देशों में बैन किया जा चुका है. हाल ही में इजराइल में एक 15 साल की लड़की के साथ ऐसा मामला सामने आया, जहां बालों पर इस केमिकल के इस्तेमाल के बाद उसे तेज पेट दर्द हुआ और जांच में एक्यूट किडनी इंजरी पाई गई.
केमिकल का नाम जरूर पूछें
चिंता की बात यह है कि भारत में यह केमिकल अभी भी आसानी से उपलब्ध है. डॉक्टर त्यागी ने लोगों को सलाह दी है कि किसी भी तरह की हेयर स्ट्रेटनिंग करवाने से पहले इस्तेमाल होने वाले केमिकल का नाम जरूर पूछें. खासतौर पर ग्लाइऑक्जलिक एसिड से दूरी बनाए रखें.