हर भारतीय को पता होनी चाहिए वंदे मातरम् गीत से जुड़ी से ये खास बातें
Princy Sharma
08 Dec 2025
राष्ट्रगीत
‘वंदे मातरम्’ ऐसा गीत है जिसे लगभग हर भारतीय ने सुना है. इसे सुनते ही देशभक्ति की भावना जग जाती है.
संसद में 10 घंटे की चर्चा
इसके 150 साल पूरे होने पर संसद में एक विशेष बहस चल रही है, जिसमें पूरे 10 घंटे केवल इसी गीत के इतिहास और महत्व पर चर्चा हो रही है.
किसने रचा अमर गीत?
‘वंदे मातरम्’ की रचना महान लेखक बंकिम चंद्र चटोपाध्याय ने की थी. इसे संस्कृत और बांग्ला के मिश्रण में लिखा गया था.
पहली बार कब गाया गया ?
यह गीत पहली बार 1896 में कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में रवीन्द्रनाथ टैगोर ने गाया था.
पहली बार कब छपा?
‘वंदे मातरम्’ सबसे पहले 1882 में बंकिम चंद्र की प्रसिद्ध उपन्यास 'आनंदमठ' में प्रकाशित हुआ था.
राष्ट्रीय गीत का दर्जा कब मिला?
भारत को आजादी मिलने के बाद, 24 जनवरी 1950 को इसे राष्ट्रीय गीत का दर्जा दिया गया.
स्वतंत्रता संग्राम की धड़कन
ब्रिटिश राज के दौरान यह गीत देशभक्तों के लिए नारा, प्रेरणा और एकजुटता का प्रतीक बन गया था. यह स्वतंत्रता आंदोलन की आत्मा था.
क्यों होता है विवाद?
भारत में लंबे समय से कुछ मुस्लिम समूह पूरा गीत गाने से परहेज करते हैं. उनका कहना है कि गीत के कुछ हिस्से उनके धार्मिक सिद्धांतों से मेल नहीं खाते.
150वीं वर्षगांठ
7 नवंबर को इसके 150 साल पूरे हुए. इस मौके पर केंद्र और राज्य सरकारों ने कई कार्यक्रम आयोजित किए.