मृत्यु से पहले गौ दान क्यों किया जाता है? गरुड़ पुराण में जवाब


Km Jaya
11 Jan 2026

गरुड़ पुराण में विशेष उल्लेख

    गरुड़ पुराण में मृत्यु और परलोक यात्रा का विस्तार से वर्णन मिलता है.

मृत्यु के बाद आत्मा की यात्रा

    शास्त्रों के अनुसार आत्मा को मृत्यु के बाद यमलोक की कठिन यात्रा करनी पड़ती है.

वैतरणी नदी का भयावह मार्ग

    इस यात्रा में वैतरणी नामक भयानक नदी आती है, जो कष्टों से भरी होती है.

पापी आत्माओं की कठिन परीक्षा

    पापी आत्माओं को इस नदी को तैरकर पार करना पड़ता है, जो अत्यंत पीड़ादायक माना गया है.

गौ दान से मिलता है सहारा

    मान्यता है कि गौ दान करने पर वही गाय आत्मा को नदी पार कराने में सहायता करती है.

गाय की पूंछ बनती है जीवन रेखा

    आत्मा गाय की पूंछ पकड़कर वैतरणी नदी को सरलता से पार कर लेती है.

गाय में देवताओं का वास

    शास्त्रों में कहा गया है कि गाय में 33 कोटि देवी देवताओं का निवास होता है.

पापों से मिलती है मुक्ति

    निष्काम भाव से किया गया गौ दान पापों से मुक्ति दिलाने वाला माना जाता है.

मोक्ष की राह होती है आसान

    गौ दान आत्मा को सद्गति और मोक्ष की ओर ले जाने में सहायक माना गया है.

दान की सही विधि

    गरुड़ पुराण के अनुसार गौ दान सुपात्र और श्रद्धा के साथ किया जाना चाहिए.

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