कब मनाई जाएगी विश्वकर्मा पूजा? जानें शुभ मुहूर्त
भगवान विश्वकर्मा को समर्पित पर्व
विश्वकर्मा पूजा भगवान विश्वकर्मा की आराधना का पर्व है. धार्मिक मान्यता में उन्हें दिव्य वास्तुकार और शिल्पकार माना जाता है.
औजारों और मशीनों की भी होती है पूजा
इस दिन भगवान विश्वकर्मा की पूजा के साथ काम में इस्तेमाल होने वाले औजार, मशीनें, वाहन और दूसरे उपकरण भी पूजे जाते हैं. कारखानों, वर्कशॉप, गैरेज, दुकानों और अन्य कार्यस्थलों पर विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है.
17 सितंबर या 18 सितंबर?
विश्वकर्मा पूजा की तारीख को लेकर इस साल लोगों में असमंजस है. कुछ लोग इसे 18 सितंबर को मनाने की बात कर रहे हैं, लेकिन पंचांग के अनुसार 2026 में विश्वकर्मा पूजा गुरुवार, 17 सितंबर को मनाई जाएगी.
कन्या संक्रांति से जुड़ी है तारीख
विश्वकर्मा पूजा का संबंध कन्या संक्रांति से माना जाता है. पंचांग के अनुसार, 17 सितंबर को सुबह 7:58 बजे सूर्य कन्या राशि में प्रवेश करेगा. इसी वजह से कन्या संक्रांति और विश्वकर्मा पूजा की तारीख 17 सितंबर तय होती है.
ब्रह्म मुहूर्त
17 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:33 बजे से 5:20 बजे तक रहेगा. इस समय को धार्मिक कार्यों के लिए शुभ माना जाता है.
अभिजीत मुहूर्त
पूजा के लिए दिन का अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:51 बजे से दोपहर 12:40 बजे तक रहेगा. हालांकि, स्थान के अनुसार पंचांग के समय में अंतर हो सकता है.
कन्या संक्रांति का समय
पंचांग के अनुसार, 17 सितंबर को सुबह 7:58 बजे कन्या संक्रांति होगी. सूर्य के कन्या राशि में प्रवेश के इसी समय से विश्वकर्मा पूजा की तारीख जुड़ी हुई है.
राहु काल का रखें ध्यान
17 सितंबर को राहु काल लगभग दोपहर 1:48 बजे से 3:20 बजे तक रहने की जानकारी दी गई है. पूजा का समय तय करते समय इसे ध्यान में रखा जा सकता है.
शहर के हिसाब से बदल सकता है समय
पंचांग के शुभ समय और राहु काल में शहर के अनुसार कुछ अंतर हो सकता है. इसलिए पूजा करने से पहले अपने स्थान के अनुसार स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि करना बेहतर रहेगा.