कैंची धाम जा रहे हैं तो 50 KM की रेंज में इन जगहों को न करें मिस
कैंची धाम से शुरू करें सफर
उत्तराखंड का कैंची धाम बाबा नीम करोली से जुड़ा प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है. पहाड़ों के बीच स्थित इस आश्रम में देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं. यहां दर्शन और प्रार्थना के बाद आसपास की खूबसूरत जगहों को अपनी यात्रा में शामिल किया जा सकता है.
भीमताल में झील का सुकून
कैंची धाम की यात्रा के साथ भीमताल घूमना अच्छा विकल्प है. यहां की विशाल झील और चारों तरफ फैली पहाड़ों की हरियाली मन को सुकून देती है. झील में बोटिंग करने के साथ आप आसपास के शांत वातावरण का आनंद भी ले सकते हैं.
सातताल में हरियाली का आनंद
अगर आपको शांत और प्राकृतिक जगहें पसंद हैं तो सातताल जरूर जाएं. पहाड़ों और घने जंगलों के बीच स्थित यहां की झीलें बेहद खूबसूरत नजर आती हैं.
नैनीताल की खूबसूरती देखें
कैंची धाम के आसपास घूमने की बात हो तो नैनीताल को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. नैनी झील, मॉल रोड और पहाड़ी नजारे यहां के प्रमुख आकर्षण हैं.
मुक्तेश्वर का शांत माहौल
शहर की भीड़ से दूर सुकून के कुछ पल बिताने के लिए मुक्तेश्वर अच्छा विकल्प है. यहां पहाड़, हरियाली और खुले आसमान के शानदार नजारे देखने को मिलते हैं.
घोड़ाखाल मंदिर के करें दर्शन
घोड़ाखाल कैंची धाम के आसपास धार्मिक महत्व रखने वाली जगहों में शामिल है. यह गोलू देवता मंदिर के लिए प्रसिद्ध है. पहाड़ों के बीच स्थित मंदिर और आसपास का शांत वातावरण यहां आने वाले लोगों को अलग अनुभव देता है.
धार्मिक यात्रा के साथ नेचर ट्रिप
कैंची धाम की यात्रा को सिर्फ धार्मिक यात्रा तक सीमित रखने की जरूरत नहीं है. आसपास भीमताल, सातताल और अन्य प्राकृतिक जगहों पर जाकर पहाड़ों और झीलों की खूबसूरती का आनंद लिया जा सकता है.
झीलों के आसपास बिताएं सुकून के पल
इस पूरे इलाके की खासियत यहां मौजूद खूबसूरत झीलें हैं. भीमताल और सातताल जैसी जगहों पर पहाड़ों के बीच पानी और हरियाली का शानदार मेल देखने को मिलता है.
समय के हिसाब से बनाएं ट्रिप प्लान
अगर आपके पास कम समय है तो कैंची धाम के साथ भीमताल और घोड़ाखाल को शामिल किया जा सकता है. ज्यादा समय होने पर सातताल, नैनीताल और मुक्तेश्वर को भी यात्रा में जोड़ा जा सकता है.
कैंची धाम से आगे भी है खूबसूरत दुनिया
कैंची धाम उत्तराखंड के उन स्थानों में शामिल है जहां आस्था के साथ प्रकृति का खूबसूरत संगम देखने को मिलता है. इसलिए यहां आने पर सिर्फ आश्रम तक रुकने के बजाय आसपास के पर्यटन स्थलों को भी अपनी यात्रा का हिस्सा बनाएं.