Unique Mandir: दुनिया का इकलौता हनुमान मंदिर, जहां स्त्री रूप में होती है पूजा


Ritu Sharma
04 Mar 2025

क्यों स्त्री रूप में होती है हनुमान जी की पूजा?

    गिरजाबंध हनुमान मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति स्त्री स्वरूप में प्रकट हुई थी. मान्यता है कि वे प्रतिदिन द्वारिकापुरी से इस मंदिर में फेरी लगाने आते हैं. उनकी स्त्री रूप में पूजा का कारण इस मूर्ति की विशिष्टता से जुड़ा हुआ है.

मंदिर की स्थापना से जुड़ी पौराणिक कथा

    इस मंदिर का निर्माण देवजू नामक राजा ने करवाया था. वे हनुमान जी के परम भक्त थे और कुष्ठ रोग से पीड़ित थे. एक रात हनुमान जी ने उन्हें स्वप्न में दर्शन दिए और मंदिर निर्माण का आदेश दिया. जब राजा ने महामाया कुंड में खुदाई करवाई, तो वहां से एक स्त्री स्वरूप की हनुमान प्रतिमा निकली, जिसे मंदिर में स्थापित कर दिया गया.

सोलह श्रृंगार की अनोखी परंपरा

    अन्य मंदिरों में हनुमान जी को चोला चढ़ाने की परंपरा होती है, लेकिन इस मंदिर में उन्हें सोलह श्रृंगार अर्पित किया जाता है. यह परंपरा मूर्ति के स्त्री रूप में होने के कारण सदियों से चली आ रही है.

चमत्कारी मूर्ति और भक्तों की आस्था

    कहा जाता है कि मूर्ति की स्थापना के बाद राजा देवजू कुछ ही दिनों में कुष्ठ रोग से मुक्त हो गए. तभी से यहां आने वाले श्रद्धालु सच्ची आस्था से हनुमान जी की आराधना करते हैं और उनकी हर मनोकामना पूरी होती है.

विदेशी भक्तों को भी आकर्षित करता है यह मंदिर

    गिरजाबंध हनुमान मंदिर न सिर्फ भारत बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है. कई भक्त हर साल यहाँ आते हैं और हनुमान जी के अनोखे रूप के दर्शन करते हैं.

द्वारिकापुरी से है गहरा संबंध

    मंदिर से जुड़ी मान्यता है कि हनुमान जी प्रतिदिन द्वारिकापुरी से यहां आते हैं. कई भक्त मानते हैं कि मंदिर में रात को घंटियों की आवाजें और दिव्य उपस्थिति का एहसास होता है.

मंदिर का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व

    गिरजाबंध हनुमान मंदिर छत्तीसगढ़ के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है. इसका इतिहास, मान्यता और आस्था इसे विशेष बनाते हैं और यह मंदिर हर साल हजारों भक्तों की श्रद्धा का केंद्र रहता है.

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