मौनी अमावस्या पर इन 3 शुभ योगों में जरूर करें यह काम


Km Jaya
17 Jan 2026

मौनी अमावस्या का महत्व

    मौनी अमावस्या का संबंध मौन व्रत, स्नान और आत्म शुद्धि से जुड़ा होता है. इस दिन मौन रखने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है.

कब है मौनी अमावस्या 2026?

    पंचांग के अनुसार मौनी अमावस्या 18 जनवरी 2026, रविवार को मनाई जाएगी. सूर्योदय के समय अमावस्या तिथि होने से यही दिन मान्य रहेगा.

रविवार का विशेष संयोग

    रविवार सूर्य देव का दिन होता है. इस कारण मौनी अमावस्या का धार्मिक प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है.

तीन बड़े शुभ योग

    इस दिन शिव वास योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और हर्षण योग बन रहे हैं. इन योगों में किया गया शुभ कार्य विशेष फल देता है.

शुभ नक्षत्र का साथ

    पूर्वाषाढ़ा और उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का संयोग रहेगा. यह समय स्नान, दान और पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है.

स्नान और दान का महत्व.

    पवित्र नदियों में स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. दान करने से जीवन में सुख और समृद्धि आती है.

मौन व्रत का फल

    मौन रहकर पूजा और साधना करने से आत्मिक बल बढ़ता है. यह व्रत मन और इंद्रियों को नियंत्रित करता है.

ब्रह्म मुहूर्त का लाभ

    ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना सर्वोत्तम माना गया है. इस समय किया गया जप और ध्यान फलदायी होता है.

पितृ दोष निवारण उपाय

    सूर्य को अर्घ्य देकर मंत्र जाप करने से पितृ दोष शांत होता है. इससे परिवार में सुख शांति बनी रहती है.

क्या करें और क्या न करें?

    इस दिन क्रोध, झूठ और नकारात्मक विचारों से बचना चाहिए. सेवा, दान और भक्ति पर ध्यान देना चाहिए.

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