कैलाश पर्वत का हिंदू धर्म के साथ किन-किन धर्मों में है विशेष महत्व?
कैलाश मानसरोवर यात्रा
कैलाश मानसरोवर यात्रा पांच सालों बाद एक बार फिर शुरू हो रहा है.
धार्मिक यात्रा
कोविड महामारी के बाद इस धार्मिक यात्रा को जून के आखिरी हफ्ते से शुरू किया जा रहा है.
इन धर्मों में विशेष महत्व
क्या आपको पता है कि कैलाश पर्वत ना केवल हिंदू धर्म में बल्कि बौद्ध धर्म, सिख धर्म और जैन धर्म में भी विशेष महत्व रखता है.
शिव का घर
हिंदू धर्म में कैलाश पर्वत को शिव का घर मानते हैं. इस जगह पर सबसे ज्यादा आध्यात्मिक ऊर्जा बताई जाती है.
बौध धर्म
वहीं बौध धर्म के लोग कैलाश पर्वत को ब्रह्मांड की आध्यात्मिक धुरी मानते हैं. यहां बौद्ध के अनुयायी ध्यान लगाने के लिए आते हैं.
बोधिसत्व का स्थान
बौद्ध मान्यताओं के अनुसार कैलाश बोधिसत्व का स्थान है, इस धर्म में कैलाश "ओम मणि पद्मे हुं" मंत्र का केंद्र माना जाता है.
जैन धर्म
जैन धर्म के लोग भी कैलाश पर्वत पर आते हैं. जैन धर्म के लोग इसे आस्था और आध्यात्म का केंद्र मानते हैं.
अष्टपद पर्वत
जैन लोग कैलाश को अष्टपद पर्वत के नाम से भी पुकारते हैं, ऐसा माना जाता है कि जैन धर्म के संस्थापक ऋषभ देव ने इसी स्थान पर तपस्या की थी.
जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति
इस जगह को जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति की जगह कही जाती है. ऋषभ देव को भी यहीं पर मोक्ष की प्राप्ति हुई थी.
गुरु नानक देव
सिख धर्म में भी कैलाश पर्वत का कहना है कि धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव भी कैलाश पर्वत पर आए थे.
बोन धर्म
तिब्बत का प्राचीन बोन धर्म भी कैलाश को धार्मिक आस्था का केंद्र मानता है.