Walmart News: भगवान गणेश की तस्वीर वाली अंडरवियर-पैंटी बेच रही थी दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी, हिंदुओं के आक्रोश के बाद उठाया ऐसा कदम
Walmart : अमेरिका की दिग्गज कंपनी वॉलमार्ट अपनी वेबसाइट के जरिए भगवान गणेश की तस्वीर वाली अंडरवीयर और चप्पल बेच रही थी. हिंदू संगठनों ने इसका विरोध जताया तो कंपनी को यूटर्न लेना पड़ा.
Walmart: अमेरिकी कंपनी वॉलमार्ट के जरिए हुई भगवान गणेश की तस्वीर वाले अंडरवियर, चप्पल और अन्य कपड़ों की बिक्री से विवाद खड़ा हो गया. हिंदू समुदाय ने इस कृत्य को उनकी धार्मिक भावनाओं के प्रति अत्यधिक अपमानजनक और असंवेदनशील बताया. सोशल मीडिया पर इसे लेकर भारी आक्रोश देखने को मिला, जहां लोगों ने कंपनी पर हिंदू धर्म का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया. विरोध के बाद कंपनी को अपनी वेबसाइट से भगवान गणेश के तस्वीर वाले अंडरगारमेंट्स और चप्पल हटाना पड़ा.
वॉलमार्ट की वेबसाइट पर ‘सेलेस्शियल गणेश ब्लेसिंग्स कलेक्शन’ के तहत भगवान गणेश की तस्वीर वाले अंडरवियर, थोंग्स, चप्पल, मोजे और अन्य वस्त्र बेचे जा रहे थे, इस पर हिंदू धर्म के अनुयायियों ने कड़ी आपत्ति जताई, हिंदू कार्यकर्ताओं ने इसे धार्मिक प्रतीकों का दुरुपयोग और आस्थाओं के साथ खिलवाड़ करार दिया.
हिंदू संगठनों और कार्यकर्ताओं का विरोध
दू कार्यकर्ता राजन ज़ेड ने वॉलमार्ट से इन अपमानजनक उत्पादों को तुरंत हटाने की मांग की. उन्होंने कहा, "किसी भी धर्म के प्रतीकों का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए. यह आस्था और सम्मान का सवाल है."
हिंदुओं के आक्रोश के बाद वॉलमार्ट ने उठाया यह कदम
हिंदू संगठनों और सोशल मीडिया पर लोगों के भारी विरोध के बाद वॉलमार्ट ने ‘सेलेस्शियल गणेश ब्लेसिंग्स कलेक्शन’ को अपनी वेबसाइट से हटा दिया. हालांकि, swimsuits जैसे कुछ अन्य उत्पादों पर भगवान गणेश की तस्वीर अब भी उपलब्ध हैं, जिन पर हिंदू समुदाय ने सवाल उठाए हैं.
पहले भी हो चुके हैं ऐसे विवाद
यह पहली बार नहीं है जब किसी ब्रांड ने हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरों की वजह से विवाद खड़ा हुआ हो. अप्रैल 2022 में, 'सहारा रे स्विम' नामक ब्रांड ने हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरों को स्विमवियर पर छापकर आक्रोश पैदा किया था.
वॉलमार्ट जैसे बड़े ब्रांड्स को यह समझने की जरूरत है कि किसी भी धर्म के प्रतीकों का व्यावसायिक लाभ के लिए दुरुपयोग करना उचित नहीं है. धर्म, आस्था और मान्यताओं का सम्मान हर समुदाय का अधिकार है.
हिंदू संगठनों का कहना है कि वॉलमार्ट जैसी कंपनियों को अपनी नीतियों में सुधार कर धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचना चाहिए.