वैष्णो देवी में रोपवे पर घमासान, घोड़ा खच्चर-पालकी वालों ने पुलिस फोर्स पर की पत्थरों की बारिश, पीटने का वीडियो हुआ वायरल
जम्मू और कश्मीर के माता वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं के लिए एक नई सुविधा की शुरुआत की जा रही है, लेकिन इसके साथ ही वहां के कुछ लोगों द्वारा इस सुविधा के विरोध की खबरें भी आ रही हैं.
जम्मू और कश्मीर के माता वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं के लिए एक नई सुविधा की शुरुआत की जा रही है, लेकिन इसके साथ ही वहां के कुछ लोगों द्वारा इस सुविधा के विरोध की खबरें भी आ रही हैं. रोपवे सेवा के विरोध में घोड़ा-खच्चर और पालकी चलाने वाले कारोबारियों ने पुलिस के साथ संघर्ष किया. इन लोगों का आरोप है कि रोपवे के शुरू होने से उनका कारोबार इफेक्ट होगा, और इसी के कारण उनका खाना-पीना चलता है.
घोड़ा-खच्चर और पालकी वाले लंबे समय से रोपवे के खिलाफ अपनी आपत्ति जता रहे हैं. उनका कहना है कि इस सेवा के कारण उनका काम खत्म हो जाएगा और इसी से उनका घर चलता है. अगर रोपवे शुरू हो गया तो उनके पास आय का कोई दूसरा साधन नहीं है. इस कारण वे अपनी डेली रुटीन को बचाने के लिए काम कर रहे हैं.
विरोध प्रर्दशन हुआ
कुछ दिन पहले शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन में स्थिति और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई है, जब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस फोर्स पर पत्थरबाजी की और उनके साथ मारपीट भी की. पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन विरोध करने वाले लोग अपनी मांगों पर डटे हुए हैं. विरोध प्रदर्शन के दौरान काफी तनाव पैदा हुआ और हालात को काबू करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा.
इस बीच, प्रशासन का कहना है कि रोपवे सेवा श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए शुरू की जा रही है. उनका उद्देश्य यात्रा को अधिक शांत, सुरक्षित और आरामदायक बनाना है, ताकि यात्रियों को कठिन रास्तों और जोखिमों से बचाया जा सके. प्रशासन ने यह भी साफ किया कि घोड़ा-खच्चर और पालकी सेवाओं को पूरी तरह से बंद नहीं किया जाएगा, बल्कि यात्रा के अन्य तरीकों को बढ़ावा दिया जाएगा.
हालांकि, विरोध कर रहे लोग इसे अपनी आजीविका से जुड़ा मसला मानते हैं और उनका कहना है कि अगर उनके रोजगार को कोई खतरा नहीं होगा तो वे विरोध नहीं करेंगे. हालांकि, दोनों पक्षों की बातों को सुनकर बीच का हल निकालने की कोशिश की जा रही है.