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बच्चों के पेशाब में उबले अंडों वाली कॉफी वायरल, पीने के लिए मारा-मारी; कैफे के बाहर लगी ग्राहकों की लंबी कतार

चीन के झेजियांग प्रांत के डोंगयांग शहर में एक कैफे ने अमेरिकानो कॉफी के साथ 'बॉय यूरिन एग्स' पेश किए, जो 10 साल से कम उम्र के लड़कों के पेशाब में उबालकर तैयार किए जाते हैं.

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Reepu Kumari

नई दिल्ली: चीन की एक अनोखी परंपरा अब कॉफी के साथ मिलकर सुर्खियां बटोर रही है. डोंगयांग शहर के एक कैफे ने पारंपरिक 'वर्जिन बॉय एग्स' को अमेरिकानो कॉफी के साथ सर्व किया, जिसकी कीमत करीब 28 युआन यानी 300-350 रुपये थी. लोकल मान्यता के मुताबिक ये अंडे शरीर को ऊर्जा देते हैं और गर्मी से बचाते हैं. वीकेंड पर 100 से ज्यादा कप बिक रहे थे. कैफे के बाहर लोगों की लंबी कतार लग गई. लेकिन जैसे ही वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर फैले, लोग हैरान और गुस्साए. अब यह डिश हटा दी गई है, लेकिन सवाल बाकी हैं.

परंपरा की जड़ें डोंगयांग में गहरी

डोंगयांग इलाके में 'टोंगजी डैन' या वर्जिन बॉय एग्स सदियों पुरानी परंपरा है, जिसे अमूर्त सांस्कृतिक विरासत का दर्जा मिला हुआ है. यहां 10 साल से कम उम्र के लड़कों के यूरिन में अंडे भिगोकर उबाले जाते हैं, फिर चारकोल पर रोस्ट किए जाते हैं. स्थानीय लोग मानते हैं कि इससे वसंत में नींद नहीं आती और गर्मियों में हीट स्ट्रोक से बचाव होता है. यह स्नैक वसंत ऋतु में खासतौर पर लोकप्रिय रहता है.

कैफे ने इसे कॉफी में मिलाया

कैफे के स्टाफ के मुताबिक यह नया प्रयोग काफी हिट था. अंडों को कॉफी के किनारे रखकर सर्व किया जाता था, ताकि अलग से खाया जा सके. स्वाद नमकीन और थोड़ा जला हुआ जैसा बताया गया. कई लोग दूर-दूर से इसे ट्राई करने आ रहे थे. लेकिन पहली बार ट्राई करने वालों को यह अजीब और हैरान करने वाला लगा. फिर भी बिक्री अच्छी चल रही थी, जब तक मामला वायरल नहीं हुआ.

डॉक्टरों की सख्त चेतावनी

मेडिकल एक्सपर्ट्स इस परंपरा के स्वास्थ्य दावों से इत्तेफाक नहीं रखते. एक किडनी स्पेशलिस्ट ने कहा कि यूरिन शरीर का वेस्ट प्रोडक्ट है, जिसमें कोई पोषण नहीं होता. यह जहरीला भी हो सकता है. सफाई और हाइजीन के सवाल भी गंभीर हैं. डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे प्रयोग से संक्रमण का खतरा रहता है और कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि इससे कोई फायदा होता है.

सोशल मीडिया पर भारी बवाल

वायरल होते ही लोग हैरान और नाराज हो गए. कई यूजर्स ने लिखा कि सफाई की क्या गारंटी? एक ने कहा, मैं इसी इलाके का हूं लेकिन कभी नहीं खाया, यह डरावना है. कुछ ने परंपरा का सम्मान किया लेकिन ज्यादातर ने इसे असुरक्षित बताया. आलोचना इतनी बढ़ी कि कैफे को मजबूरन इस डिश को मेन्यू से हटाना पड़ा. अब यह मामला परंपरा बनाम स्वास्थ्य की बहस का केंद्र बन गया है.

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