अमेरिका-सऊदी अरब परमाणु डील ने कैसे हिला दी मिडिल ईस्ट के शक्ति संतुलन की बुनियाद?

एक तरफ तेहरान और अमेरिका के बीच सीधा टकराव दुनिया की सांसें छीन रहा है. वहीं दूसरी तरफ अमेरिका और सऊदी अरब के बीच एक ऐसी डील पर हस्ताक्षर हुए हैं जिसने पूरे मिडिल ईस्ट को हिला दिया है.

Sagar Bhardwaj

मिडिल ईस्ट के आसमान में बारूद की गंध और तेज हो गई है. पर्शियन गल्फ से उठ रही लपटें केवल सीमाओं और तेल कुओं तक सीमित नहीं है. यह महासमर उस मुहाने पर जा पहुंचा है जहां से वापसी का कोई रास्ता नहीं है. यहां से सिर्फ एक ही रास्ता जाता है और वो है खाड़ी में प्रलय का रास्ता. एक तरफ तेहरान और अमेरिका के बीच सीधा टकराव दुनिया की सांसें छीन रहा है. वहीं दूसरी तरफ अमेरिका और सऊदी अरब के बीच एक ऐसी डील पर हस्ताक्षर हुए हैं जिसने पूरे मिडिल ईस्ट को हिला दिया है. इस डील ने मिडिल ईस्ट के शक्ति संतुलन की बुनियाद हिला दी है. इस डील ने इजरायल के सबसे सख्त सुरक्षा सिद्धांतों के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा कर दिया है. अमेरिका और सऊदी अरब के बीच ऐसी क्या डील हुई है और पूरी दुनिया में इस डील की क्यों हो रही है चर्चा? देखें वीडियो में...