SIR में कट गया है नाम तो न हों परेशान, इन आसान स्टेप्स से वापस मिलेगा वोट का मान और पहचान
उत्तर प्रदेश में SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद लाखों लोगों का नाम सूची में नहीं दिख रहा है. लेकिन यह फाइनल लिस्ट नहीं है. चुनाव आयोग ने क्लेम और ऑब्जेक्शन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. सही फॉर्म और जरूरी डॉक्यूमेंट्स के जरिए नाम दोबारा जुड़वाया जा सकता है.
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में हाल ही में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की गई है. यह सूची फाइनल नहीं होती है. बल्कि इसमें डेटा को अपडेट किया जाता है. इस प्रक्रिया के दौरान राज्य में करीब 2.89 करोड़ नाम ड्राफ्ट लिस्ट से हटाए गए हैं. इसका मतलब यह नहीं है कि इन सभी लोगों का वोटिंग अधिकार खत्म हो गया है.
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का मकसद गलत या डुप्लीकेट एंट्री को हटाना होता है. कई बार तकनीकी वजहों या रिकॉर्ड अपडेट न होने के कारण सही वोटर का नाम भी हट जाता है. इसी वजह सेइलेक्शन कमिशन ऑफ इंडिया क्लेम और ऑब्जेक्शन की सुविधा देता है ताकि कोई भी योग्य मतदाता वोटिंग के अधिकार से वंचित न हो.
कैसे चेक करें ड्राफ्ट लिस्ट में नाम
सबसे पहले वोटर सर्विस पोटर पर जाएं. वहां स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन सेक्शन में Search your name का विकल्प मिलेगा. आप EPIC नंबर यानी वोटर आईडी नंबर डालकर नाम खोज सकते हैं. अगर EPIC नंबर नहीं है तो जन्म तिथि. जिला और विधानसभा की जानकारी से भी सर्च किया जा सकता है. इसके अलावा ECINET मोबाइल ऐप के जरिए भी नाम चेक किया जा सकता है. अगर नाम नहीं दिखता है तो इसका मतलब है कि वह फिलहाल ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल नहीं है.
नाम कट गया है तो आगे क्या करें
अगर आपका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है तो चुनाव आयोग ने दोबारा जोड़ने का मौका दिया है. इसके लिए क्लेम और ऑब्जेक्शन की प्रक्रिया शुरू की गई है. यह प्रक्रिया सीमित समय के लिए खुली रहती है. इसलिए देरी करना नुकसानदायक हो सकता है.
- अगर आप पहली बार वोटर बन रहे हैं या आपका नाम हट गया है तो Form 6 भरना होगा.
- अगर आपका नाम गलती से डिलीट हो गया है और आप उसे वापस जुड़वाना चाहते हैं तो भी Form 6 का इस्तेमाल किया जाता है.
- Form 7 का उपयोग किसी गलत या अपात्र नाम पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए होता है.
- Form 8 तब भरा जाता है जब नाम मौजूद हो लेकिन एड्रेस. उम्र या स्पेलिंग में सुधार करना हो.
कहां और कैसे भरे फॉर्म?
ये सभी फॉर्म ऑनलाइन voters service portal पर भरे जा सकते हैं. अगर ऑनलाइन सुविधा न हो तो अपने क्षेत्र के Booth Level Officer यानी BLO से संपर्क कर सकते हैं. BLO आपके दस्तावेज लेकर ऑफलाइन आवेदन स्वीकार करता है और आगे की प्रक्रिया पूरी करता है. फॉर्म भरते समय पहचान और पते का प्रमाण देना जरूरी होता है. आमतौर पर आधार कार्ड. पुराना वोटर आईडी. जन्म प्रमाण पत्र. पेंशन ऑर्डर. केंद्र या राज्य सरकार द्वारा जारी पहचान पत्र मान्य होते हैं. ये डॉक्यूमेंट यह साबित करते हैं कि आप उस क्षेत्र के निवासी हैं और वोट डालने के योग्य हैं.
फाइनल वोटर लिस्ट आमतौर पर मार्च के आसपास जारी की जाती है. इसके बाद नाम जोड़ना या उसमें बदलाव करना मुश्किल हो जाता है. समय रहते आवेदन करने से आपका वोटिंग अधिकार सुरक्षित रहता है और चुनाव के समय किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता.
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