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आधार अधिनियम में सरकार ने किया संशोधन, अब निजि संस्थाएं भी कर सकेगी ये काम, जानें क्या है जरूरी बात

अधिनियम का तीसरा नियम सुशासन सुनिश्चित करने, सामाजिक कल्याण के लाभों, नवाचार और ज्ञान के प्रसार के लिए डिजिटल मंचों को आधार प्रमाणीकरण की अनुमति देता है.

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Gyanendra Tiwari

सरकार ने निजी संस्थाओं को अपनी सेवाएं देने के लिए ‘आधार’ के जरिये सत्यापन का उपयोग करने की अनुमति देने के लिए शुक्रवार को एक अधिसूचना जारी कर दी.

इस अधिसूचना के मुताबिक, इन संस्थाओं को आधार सत्यापन का उपयोग करने की अनुमति देने के लिए आधार अधिनियम में संशोधन किया गया है.उच्चतम न्यायालय ने सितंबर, 2018 के एक फैसले में कहा था कि आधार अधिनियम की धारा 57 का दुरुपयोग किया जा सकता है. धारा 57 निजी संस्थाओं को व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए आधार प्रमाणीकरण हासिल करने और उसका उपयोग करने का अधिकार देती है.

अधिसूचना में कहा गया, ”मंत्रालय या विभाग से इतर कोई भी संस्था… जो आधार प्रमाणीकरण का उपयोग करने की इच्छुक है, उसे तीसरे नियम में निर्दिष्ट उद्देश्य और राज्य के हित में मांगे गए प्रमाणीकरण के संबंध में औचित्य के साथ एक प्रस्ताव तैयार करना होगा और उसे संबंधित मंत्रालय या विभाग को प्रस्तुत करना होगा.”

अधिनियम का तीसरा नियम सुशासन सुनिश्चित करने, सामाजिक कल्याण के लाभों, नवाचार और ज्ञान के प्रसार के लिए डिजिटल मंचों को आधार प्रमाणीकरण की अनुमति देता है.

बयान के मुताबिक, इस संशोधन से लोगों को सरकारी संस्थाओं के अलावा अन्य संस्थाओं द्वारा प्रदान की जा रही ई-कॉमर्स, यात्रा, पर्यटन, आतिथ्य एवं स्वास्थ्य क्षेत्र की सेवाओं का लाभ उठाने में मदद मिलेगी.

(इस खबर को इंडिया डेली लाइव की टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की हुई है)