जब भारत में फ्लॉप हो गया था Google Maps, फिर इस तरह से लिखी सफलता की कहानी
आज के समय में तो यह ऐप काफी लोकप्रिय है लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक समय था जब भारत में Google Maps पूरी तरह से फ्लॉप हो गया था.
Google Maps का इस्तेमाल आज हम सभी करते हैं. कहीं भी जाना हो, Google Maps मदद कर देता है. जगह का नाम डालें और रास्ता मिल जाता है. आज के समय में तो यह ऐप काफी लोकप्रिय है लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक समय था जब भारत में Google Maps पूरी तरह से फ्लॉप हो गया था.
क्यों हुआ था Google Maps फ्लॉप:
मेन स्ट्रीट, चर्च स्ट्रीट आदि की तरह अमेरिका में हर सड़क का नाम होता है, लेकिन भारत में ऐसा कम किया जाता है. सड़कों के नाम भले ही हैं लेकिन जरूरी नहीं कि हर किसी को वो नाम पता हो. जब भारत में गूगल मैप्स को पेश किया गया था तब यह ऐप लोगों को दिशानिर्देश देती थी कि उन्हें कहां मुड़ना है और लोग कंफ्यूज हो जाते थे. ऐसे में लोगों ने गूगल मैप्स का साथ छोड़ दिया था.
Google Maps ने निकाला समाधान:
Google Maps को भारत में फेल होता देख गूगल ने अपने दो कर्मचारियों ओल्गा और जैनेट को भारत भेजा. यहां आकर इन्होंने ग्राउंड रिसर्च की. यहां आकर इन दोनों ने दुकानदारों से रास्ता पूछा. वहीं, कुछ लोगों से कहा कि वो उन जगहों की फोटो बनाएं जिन्हें वो जानते हैं. ऐसे में उन्हें ये पता चला कि लोकल लोग किस तरह से रास्ता ढूंढते हैं.
इसके बाद उन दोनों ने लैंडमार्क के जरिए रास्ता बनाया है जिसमें पार्क से दाएं मुड़ें, स्कूल से बाएं मुड़े आदि जैसे निर्देश थे. रिसर्च के आधार पर गूगल ने मैप्स को पूरी तरह से भारत के अनुसार डिजाइन किया. इसके बाद से गूगल मैप्स में सड़कों के लैंडमार्क तैयार किए गए.
नाम के बजाय लैंडमार्क का इस्तेमाल किया:
वर्ष 2008 में Google Maps को पेश किया गया था. जब भारत को पेश किया गया था तब इसे 2D का भी अपडेट दिया गया था. इसके बाद 3D में भी इसे उपलब्ध कराया गया था. गूगल मैप्स का इस्तेमाल कोई भी कर सकता है, यह ऐप एकदम फ्री है.