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आपने आजतक नहीं किया है Stock एंड्रॉइड का इस्तेमाल, कस्टम एंड्रॉइड से कितना अलग, जानें

Stock Android Vs Custom Android: अगर आप एंड्रॉइड फोन का इस्तेमाल करते हैं तो आपको ये पता होगा कि आपके फोन में स्टॉक एंड्रॉइड है या कस्टम एंड्रॉइड. लेकिन क्या आपको ये पता है कि इन दोनों में से आपके लिए बेहतर कौन-सा होता है, अगर नहीं तो यहां हम आपको इसके बारे में बता रहे हैं.

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Shilpa Srivastava

Stock Android Vs Custom Android: क्या आपने कभी ऐसी डिवाइस इस्तेमाल की है जिसमें प्योर या स्टॉक एंड्रॉइड की सुविधा दी गई हो? अगर आपको लगता है कि आपने ऐसी डिवाइस इस्तेमाल की है या आप ऐसी ही डिवाइस का इस्तेमाल करते हैं, तो यह ज्यादातर लोगों की गलतफहमी है. हो सकता है कि कुछ लोगों ने इस तरह के फोन्स इस्तेमाल किए हों जिसमें एंड्रॉइड का प्योर वर्जन मौजूद होता है. लेकिन हर फोन में ये नहीं दिया जाता. ज्यादातर निर्माता अपने खुद के सॉफ्टवेयर को कोर एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम पर लेयर करते हैं, जिसे स्किनिंग के नाम से जाना जाता है. 

अगर आपके पास Samsung, OPPO, OnePlus, vivo, Xiaomi जैसी कंपनियों के फोन्स हैं इनमें आपको कंपनी की स्किन जरूर मिलेगी. जिन फोन्स में गूगल ऐप्स के अलावा कई और प्री-इंस्टॉल्ड ऐप्स होती हैं वो कंपनी की स्किन के साथ आती हैं. अगर आपको स्टॉक एंड्रॉइड और कस्टम एंड्रॉइड में फर्क नहीं पता है तो चलिए बताते हैं इसके बारे में।

क्या है स्टॉक एंड्रॉइड?

एंड्रॉइड का सबसे प्योर वर्जन बोलचाल की भाषा में AOSP के नाम से जाना जाता है, जो एंड्रॉइड ओपन-सोर्स प्रोजेक्ट है. ऑपरेटिंग सिस्टम का यह वर्जन इसकी डिफॉल्ट स्थिति है, जिसमें कोई गूगल ऐप, कोई कस्टमाइजेशन और कोई अतिरिक्त सर्विसेज नहीं होती हैं. आम तौर पर, एंड्रॉइड के सभी वर्जन इसी रिलीज पर आधारित होते हैं।

अब, आपके एंड्रॉइड फोन पर AOSP वर्जन होता है तो इसे स्टॉक कहा जाता है. हालांकि, जिन फोन्स में स्टॉक एंड्रॉइड होता है उनमें भी गूगल ऐप्स दी गई होती हैं. ऐसे में इन फोन्स को भी पूरी तरह से स्टॉक एंड्रॉइड नहीं कहा जा सकता है. हर साल, गूगल एंड्रॉइड का नया वर्जन रिलीज करता है. यह अपडेट सबसे पहले डिफॉल्ट वर्जन में ही आते हैं. 

स्टॉक एंड्रॉइड या कस्टम एंड्रॉइड?

ऐसे बहुत से लोग हैं जो सोचते हैं कि स्टॉक एंड्रॉइड दूसरे वर्जन से बेहतर है. आमतौर पर, एंड्रॉयड के स्किन्ड वर्जन ब्लोटवेयर (पहले से इंस्टॉल किए गए ऐप) के साथ आते हैं. ये काफी हैवी हो जाते हैं और फोन को कई बार स्लो भी कर देते हैं. जहां एक तरफ एंड्रॉइड का स्टॉक वर्जन ज्यादा सुविधाओं के साथ नहीं आता है. वहीं, एंड्रॉइड के स्किन्ड वर्जन में अक्सर कई और सुविधाएं दी जाती हैं. ऐसे में ये दोनों ही आपके लिए सही रहेंगे लेकिन स्टॉक वर्जन बहुत ही कम फोन्स में आता है जिसके चलते इसे एक्सेस करना मुश्किल है.