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भारत में 'एप्पल पे' की होने जा रही एंट्री, UPI दिग्गज गूगल पे और फोन पे के लिए बढ़ेगी चुनौती

एप्पल पे के भारत में आगमन से गूगल पे और फोन पे जैसे डिजिटल पेमेंट दिग्गजों के लिए चुनौती बढ़ेगी. प्रतिस्पर्धी कंपनी सैमसंग पहले से ही भारत में ऑनलाइन पेमेंट के लिए सैमसंग वॉलेट का इस्तेमाल कर रही है.

@IndianTechGuide
Sagar Bhardwaj

अमेरिका की दिग्गज कंपनी एप्पल अपनी डिजिटल पेमेंट्स सेवा 'एप्पल पे' को भारत में लॉन्च करने के बेहद करीब है. 21 जनवरी, 2026 की रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी इसको लेकर वैश्विक कार्ड नेटवर्क्स जैसे मास्टरकार्ड और वीजा कार्ड से लगातार बातचीत कर रही है और साथ ही नियामक मंजूरी प्राप्त करने की प्रक्रिया में भी लगी हुई है.

बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, आईफोन निर्माता कंपनी साल 2026 के अंत तक अपनी सेवा को भारत में उतार सकती है. हालांकि यह सब कुछ उसे भारतीय नियामकों से जरूरी स्वीकृति मिलने पर निर्भर करेगा. इसी के साथ भारत वैश्विक तौर पर 90वां बाजार होगा जहां एप्पल पे अपनी एंट्री करेगा.

कंपनी भारत में चरणबद्ध तरीके से अपनी सेवाओं को लॉन्च करने पर फोकस कर रही है जिसमें शुरुआत में  निकट-क्षेत्र-संचार प्रौद्योगिकी  (NFC) के माध्यम से कार्ड आधारित कॉन्टेक्टलेस पेमेंट शामिल है.

यूजर्स अपने डेबिट और क्रेडिट कार्ड की डिटेल्स एप्पल वॉलेट में स्टोर कर सकेंगे और डिवाइस पर टैप कर किसी भी स्टोर पर पेमेंट कर सकेंगे.

सूत्रों के अनुसार, भारत की प्रमुख डिजिटल भुगतान प्रणाली, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के साथ एकीकरण के लिए एक अलग और अधिक जटिल नियामक ढांचे की आवश्यकता होगी.

शुरुआती चरण में एप्पल द्वारा यूपीआई के लिए थर्ड पार्टी एप्लीकेशन प्रोवाइडर लाइसेंस के लिए आवेदन करने की संभावना कम है क्योंकि अनुमोदन प्रक्रिया में विशिष्ट तकनीकी आवश्यकताएं शामिल होती हैं जो कार्ड आधारित प्रणालियों से मौलिक रूप से भिन्न होती हैं.

वर्तमान में भारत द्वारा जारी कार्ड एप्पल वॉलेट में एड नहीं होता जो घरेलू यूजर्स के लिए सेवाओं की कार्यक्षमता को सीमित करता है. एप्पल अपने पेमेंट गेटवे के इस्तेमाल के लिए कार्ड जारीकर्ताओं के साथ शुल्क संरचना पर बातचीत कर रहा है.

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भारत में भले ही एप्पल पे अभी तक पेमेंट के लिए उपलब्ध नहीं है लेकिन लोग बाहर से भारत में पेमेंट के लिए एप्पल पे का इस्तेमाल कर रहे हैं. पेमेंट गेटवे रेजरपे,  कैशफ्री ने सितंबर 2025 में भारतीय व्यापारियों से खरीदारी करने वाले अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के लिए एप्पल पे को भुगतान के विकल्प के रूप में उपलब्ध कराया. आकासा एयर हाल ही में अंतरराष्ट्रीय बुकिंग के लिए एप्पल पे स्वीकार करने वाली पहली भारतीय एयरलाइन बनी है.

गूगल पे और फोन पे जैसे दिग्गजों के लिए बढ़ेगी चुनौती

एप्पल पे के भारत में आगमन से गूगल पे और फोन पे जैसे डिजिटल पेमेंट दिग्गजों के लिए चुनौती बढ़ेगी. प्रतिस्पर्धी कंपनी सैमसंग पहले से ही भारत में ऑनलाइन पेमेंट के लिए सैमसंग वॉलेट का इस्तेमाल कर रही है.

इसके अलावा भारत में आईफोन के ग्राहक भी लगातार बढ़ रहे हैं. भारत का डिजिटल पेमेंट्स ईकोसिस्टम लगातार विस्तार कर रहा है. देश में 80 प्रतिशत लोग यूपीआई के जरिए पेमेंट कर रहे हैं. वहीं एप्पल के आने भारत में पहले से कार्यरत गूगल पे और फोन पे जैसे क्यूआर यूपीआई आधारित प्लेटफॉर्म्स के लिए चुनौती और ज्यादा बढ़ने वाली है.