उत्तराखंड के इन जिलों में घने कोहरे का येलो अलर्ट, ठंड और जंगलों की आग ने बढ़ाई चिंता

उत्तराखंड में 16 जनवरी तक मौसम साफ रहने की संभावना है, लेकिन मैदानी इलाकों में घने कोहरे का येलो अलर्ट जारी किया गया है. कड़ाके की ठंड और जंगलों में आग की घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं.

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Kuldeep Sharma

उत्तराखंड में मौसम भले ही फिलहाल साफ बना हुआ हो, लेकिन सर्दी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है. मौसम विज्ञान केंद्र ने 16 जनवरी तक शुष्क मौसम का अनुमान जताया है, वहीं मैदानी जिलों में घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है. ठंड के साथ कोहरे, पाले और जंगलों में आग की घटनाएं आम जनजीवन, खेती और वन्यजीवों के लिए चुनौती बनती जा रही हैं.

मैदानी इलाकों में घने कोहरे की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार आज हरिद्वार, उधम सिंह नगर, देहरादून, नैनीताल, चंपावत और पौड़ी के मैदानी क्षेत्रों में कहीं-कहीं घना कोहरा छा सकता है. इसी को देखते हुए इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. सुबह और रात के समय दृश्यता बेहद कम रहने की आशंका है, जिससे आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

यातायात और हवाई सेवाओं पर असर

घने कोहरे के कारण सड़कों पर वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. खासतौर पर हाईवे और खुले मार्गों पर दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है. कम दृश्यता के चलते हवाई सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं. प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की अपील की है.

पर्वतीय क्षेत्रों में पाले से बढ़ी मुश्किलें

राज्य के पर्वतीय इलाकों में पाला पड़ने से ठंड और बढ़ गई है. पाले के कारण फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है. वहीं, पहाड़ी सड़कों पर फिसलन बढ़ने से वाहन संचालन भी चुनौतीपूर्ण हो गया है. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगले कुछ दिनों तक न्यूनतम तापमान में खास बदलाव की संभावना नहीं है.

देहरादून समेत कई शहरों में तापमान लुढ़का

शनिवार को देहरादून का अधिकतम तापमान 22.8 डिग्री और न्यूनतम 6.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. पंतनगर में न्यूनतम तापमान 1.4 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि मुक्तेश्वर में पारा शून्य से नीचे माइनस 0.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. नई टिहरी में भी रातें बेहद सर्द बनी हुई हैं.

शुष्क मौसम में जंगलों की आग बनी चिंता

शुष्क मौसम के चलते सर्दियों में भी जंगलों में आग की घटनाएं सामने आ रही हैं. चमोली जिले में नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के बफर जोन में एक महीने के भीतर दूसरी बार आग लगने से वन संपदा को नुकसान पहुंचा है. थैंग गांव और आसपास के जंगलों में धुआं फैल गया है, जिससे फूलों की घाटी में रहने वाले दुर्लभ वन्यजीवों पर खतरा बढ़ गया है.