उत्तराखंड की नई खेल नीति में आपकी भी होगी भागीदारी! सरकार मांगेगी सीधे सुझाव

उत्तराखंड सरकार नई खेल नीति को अंतिम रूप देने से पहले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और आम नागरिकों से सुझाव लेने जा रही है. जल्द ही ऑनलाइन फीडबैक लिंक जारी होगा, ताकि नीति को जमीनी जरूरतों के अनुरूप बनाया जा सके.

social media
Kuldeep Sharma

उत्तराखंड में खेलों के विकास को नई दिशा देने के लिए सरकार नई खेल नीति तैयार कर रही है. इस बार नीति निर्माण प्रक्रिया में जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है. सरकार का मानना है कि खिलाड़ियों और नागरिकों के सुझावों से खेल व्यवस्था को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाया जा सकेगा.

जनता के सुझावों से तैयार होगी नई खेल नीति

खेल विभाग नई नीति को व्यापक और उपयोगी बनाने के लिए सार्वजनिक भागीदारी का रास्ता अपना रहा है. खेल मंत्री रेखा आर्य ने विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खिलाड़ियों, कोचों, खेल संगठनों और आम लोगों से सुझाव लिए जाएं. इसके लिए जल्द ही एक ऑनलाइन लिंक जारी किया जाएगा, जहां इच्छुक लोग अपने विचार साझा कर सकेंगे. सरकार का उद्देश्य केवल कागजी नीति तैयार करना नहीं है, बल्कि ऐसी व्यवस्था बनाना है जो वास्तविक जरूरतों और चुनौतियों को समझते हुए खेल क्षेत्र को आगे बढ़ाए. उपयोगी और व्यवहारिक सुझावों को नीति का हिस्सा बनाने पर विचार किया जाएगा.

पारंपरिक खेलों को भी मिलेगा विशेष स्थान

नई खेल नीति में आधुनिक खेल सुविधाओं के विकास के साथ-साथ उत्तराखंड की पारंपरिक खेल विरासत को भी महत्व दिया जाएगा. सरकार चाहती है कि स्थानीय खेलों को नई पहचान मिले और युवा पीढ़ी उनसे जुड़ सके. खेल मंत्री ने संकेत दिए हैं कि नीति तैयार करते समय केंद्र सरकार की खेल नीति के महत्वपूर्ण बिंदुओं को भी शामिल किया जाएगा. इससे राज्य और राष्ट्रीय स्तर की योजनाओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो सकेगा. सरकार का मानना है कि पारंपरिक और आधुनिक खेलों का संतुलित विकास प्रदेश की खेल संस्कृति को मजबूत करेगा.


खेल विश्वविद्यालय और खिलाड़ियों के भविष्य पर जोर

समीक्षा बैठक में प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय की प्रगति पर भी चर्चा हुई. अधिकारियों को इस परियोजना से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार का मानना है कि खेल विश्वविद्यालय बनने से खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण, शिक्षा और शोध की बेहतर सुविधाएं मिलेंगी. इसके अलावा पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई. खेल मंत्री ने पात्र खिलाड़ियों के मामलों में जल्द कार्रवाई करने को कहा है. साथ ही कुछ अनुभवी खिलाड़ियों को खेल अकादमियों से जोड़ने की योजना पर भी काम किया जा रहा है, ताकि उनके अनुभव का लाभ नई प्रतिभाओं को मिल सके.